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बलात्कार मामले में अधिकारी गिरफ़्तार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक महिला के साथ बलात्कार करने के मामले में सबूत मिटाने के आरोप में तीन सरकारी अधिकारियों को गिरफ़्तार किया गया है. पुलिस ने कहा है कि ये तीन अधिकारी पाकिस्तान पेट्रोलियम गैस प्लांट के हैं और इनमें से एक इस प्लांट के महाप्रबंधक हैं. बलात्कार के इस घटना के बाद सुई इलाक़े में लोग भड़क उठे थे और क़बायलियों ने प्लांट पर हमला कर दिया था जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई थी. पाकिस्तान सरकार ने अब कहा है कि सुई गैस प्लांट के आसपास के क़रीब 15 किलोमीटर के दायरे से लोगों को हटाया जाएगा ताकि प्लांट से होने वाली गैस आपूर्ति पर सुचारू रखा जा सके. सेना ने भी कहा है कि प्लांट पर अब एक नई बटालियन तैनात की करने की बात कही है जिस पर क़बायली नेताओं ने नाराज़गी ज़ाहिर के की है. सुई गैस प्लांट प्रांत की राजधानी क्वेटा से क़रीब 350 किलोमीटर दक्षिण पूर्व में है और देश की क़रीब 18 प्रतिशत गैस आपूर्ति इसी प्लांट से होती है. बलूच क़बायलियों ने अपनी माँगों के समर्थन में हाल के दिनों में अपने हमले तेज़ कर दिए हैं. वे ज़्यादा स्वायत्तता और प्रदेश की संपत्ति और प्राकृतिक संसाधनों में ज़्यादा हिस्सेदारी की माँग कर रहे हैं. साथ ही उनकी माँग है कि राज्य में विकास और रोज़गार क्षेत्रों में और ज़्यादा निवेश किया जाए. बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने कहा है कि 11 जनवरी के हमले उसने ही बलात्कार का बदला लेने के लिए किए थे. चरमपंथियों ने गैस शुद्धीकरण के एक प्लांट की चौकी पर रॉकेट और मोर्टारों से हमला किया था जिसमें प्लांट की तीन पाइपलाइनों को नुक़सान पहुँचा था. उसके बाद गैस आपूर्ति बाधित हो गई थी और एक सप्ताह तक बहाल नहीं हो सकी थी. इन हमलों के बाद उस इलाक़े में हज़ारों अर्द्धसैनिक बल भेजे गए थे. अब सेना ने कहा है कि गैस प्लांट के आसपास के क़रीब 500 घरों को ख़ाली कराया जाएगा. |
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