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पाकिस्तानी गैस क्षेत्र में सेना तैनात | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कबायली चरमपंथियों के साथ मुठभेड़ में आठ लोगों की मौत के बाद पाकिस्तान ने अपने सबसे बड़े प्राकृतिक गैस क्षेत्र में सेना तैनात कर दी है. बलूचिस्तान ज़िले के सुई कॉम्प्लेक्स में स्थित मुख्य संयंत्र को बंद कर दिया गया है. इस संयंत्र से पाकिस्तान को 60 फीसदी गैस की सप्लाई होती है. अधिकारियों के अनुसार कबीलेवाल गैस क्षेत्र की तरफ लगातार रॉकेट दाग रहे थे और मंगलवार को कॉम्प्लेक्स में ही घुस आए. बाद में सुरक्षा बलों ने उन्हें वापस खदेड़ा. दरअसल, इन झड़पों की शुरूआत पिछले शुक्रवार को तब हुई जब एक महिला डॉक्टर के साथ बलात्कार होने की ख़बर आई. क़रीब 30 साल की ये महिला पाकिस्तान पेट्रोलियम लिमिटेड की कर्मचारी बताई जा रही हैं. अभी तक ये साफ नहीं हुआ है कि बलात्कार किसने किया, लेकिन कबायली इसके लिए सुरक्षा बलों को ज़िम्मेदार मानते हैं. पिछले साल भी बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में कई बम धमाके हुए थे, जिसके पीछे तेल और गैस में दावेदारी को लेकर कबायली सरदारों की नाराज़गी मानी जा रही है. चेतावनी मंगलवार को पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ ने कबायलियों को चेतावनी दी थी कि वो हिंसा छोड़ दें वरना उनके खिलाफ सख़्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने एक निजी टेलीविज़न चैनल को बताया,"हम गंभीरता से उन पर नज़र रख रहे हैं." चरमपंथियों के लिए उनका संदेश था, "हमारा धैर्य मत परखो....ये 1970 नहीं है. इस बार तुम्हें पता भी नहीं चलेगा कि तुम पर कैसे वार हुआ." वो 1970 में अलगाववादी विद्रोहियों के खिलाफ सेना की कार्रवाई की तरफ इशारा कर रहे थे. मंगलवार को सुई कॉम्प्लेक्स में सुरक्षाबलों को तब भेजा गया जब कबायलियों ने वहाँ के चौकीदारों को काबू में कर लिया. इस दौरान वे कई पाईपलाईनों और एक तेलशोधक संयंत्र को नुकसान पहुँचा चुके थे. सेना के प्रवक्ता शौकत सुल्तान ने रॉयटर्स समाचार एजेंसी को बताया कि इन झड़पों में सुरक्षाबलों के तीन जवान मारे गए और पाँच अन्य घायल हो गए. इसके अलावा एक बच्चे समेत दो नागरिक भी गोलीबारी की चपेट में आकर मारे गए. कबायलियों में मारे गए लोगों के बारे में कोई पुख़्ता जानकारी नहीं मिली है. |
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