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सोमवार, 28 मार्च, 2005 को 20:57 GMT तक के समाचार
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भारत में दी गई चेतावनी वापस
तमिलनाडु तट
भारत के तटवर्ती इलाक़ों में सतर्कता बरती जा रही है
इंडोनेशिया में सोमवार रात आए भूकंप के बाद जिन देशों में तत्काल लोग सतर्क हुए उनमें भारत भी रहा.

भारत सरकार ने इंडोनेशिया के भूकंप के बाद अंडमान निकोबार, उड़ीसा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पांडिचेरी, केरल, कर्नाटक और लक्षद्वीप में चेतावनी जारी की थी.

मगर आपदा प्रबंधन समूह के निदेशक एस के स्वामी ने बाद में बीबीसी से बताया कि ये चेतावनी वापस ले ली गई है.

स्वामी ने कहा,"हमने कहा कि चूँकि भूकंप के बाद चार-पाँच घंटे हो गए हैं इसलिए लोग अपने घरों मे जा सकते हैं. मगर प्रशासन थोड़ी देर और सतर्क रहे".

 हमने कहा कि चूँकि भूकंप के बाद चार-पाँच घंटे हो गए हैं इसलिए लोग अपने घरों मे जा सकते हैं. मगर प्रशासन थोड़ी देर और सतर्क रहे
एस के स्वामी, निदेशक, आपदा प्रबंधन समूह

स्वामी ने बताया की चेतावनी के तहत इन क्षेत्रों में प्रशासन को सतर्क रहने के लिए कहा गया और साथ ही तटवर्ती इलाक़ों में मछुआरों को दूर रहने की सलाह दी गई."

उन्होंने कहा कि इसबार अधिकारी पहले से ही सतर्क थे और स्थित पर पूरी नज़र रखे हुए थे.

इंडोनेशिया में आए भूकंप के बाद अंडमान निकोबार के तट पर भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए लेकिन कहीं से भी समुद्र के जलस्तर में बढ़ोतरी की सूचना नहीं मिली है.

रिक्टर पैमाने पर 8.2 की तीव्रता वाला यह भूकंप भारतीय समय के अनुसार रात के लगभग नौ बजकर 40 मिनट पर आया जबकि इंडोनेशिया में उस समय रात के लगभग सवा ग्यारह बज रहे थे.

बैठक

तीन महीने पहले इंडोनेशिया में आए भूकंप के कारण पैदा हुई सूनामी लहरों से भारत में भी तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों के तटवर्ती इलाक़ों में बड़े पैमाने पर जान-माल की क्षति हुई थी.

इसे ध्यान में रखकर ही इस बार जब इंडोनेशिया में भूकंप आया तो भारत में भी तटवर्ती इलाक़ों में तो प्रशासन तत्काल सतर्क हुआ ही, दिल्ली में भी केंद्र सरकार की आपदा प्रबंधन समिति की भी बैठक हुई.

 भूकंप की सूचना मिलते ही प्रधानमंत्री को इसकी जानकारी दी गई और सरकार पूरी तरह से सचेत है. प्रधानमंत्री ने अंडमान निकोबार के उपराज्यपाल से भी बात की है
संजय बारू, भारतीय प्रधानमंत्री के सलाहकार

भारत के प्रधानमंत्री के प्रेस सलाहकार संजय बारू ने बीबीसी को बताया कि भूकंप की सूचना मिलते ही प्रधानमंत्री को इसकी जानकारी दी गई और सरकार पूरी तरह से सचेत है.

उन्होंने बताया कि तटीय इलाक़ों में तटरक्षक बल और नौसेना को सतर्क कर दिया गया है.

संजय बारू ने बताया कि राज्य सरकारों को भी सतर्क कर दिया गया है.

उन्होंने कहा, "भारत के गृह सचिव ख़ुद कंट्रोल रूम में मौजूद हैं, सभी तटीय प्रांतों को गृह सचिवों से बात की गई है, प्रधानमंत्री ने अंडमान निकोबार के उपराज्यपाल से भी बात की है."

सोमवार के भूकंप के बाद अमरीकी भूगर्भ वैज्ञानिकों ने कहा कि इस भूकंप के कारण सूनामी लहरें एक बार फिर उफन सकती हैं.

अमरीका के सूनामी चेतावनी केंद्र ने कहा है कि इस भूकंप के कारण "काफ़ी विनाशकारी लहरें" उठ सकती हैं.

प्रशांत क्षेत्र के लिए काम करने वाले अमरीकी सूनामी चेतावनी केंद्र की वेबसाइट पर जारी बयान में कहा गया है कि "इस क्षेत्र में पड़ने वाले देशों को चाहिए कि वे तत्काल क़दम उठाएँ."

इस चेतावनी के बाद श्रीलंका, सिंगापुर और भारत ने सूनामी की चेतावनी जारी कर दी.

मगर भूकंप के कई घंटे बीतने के बाद भी कहीं से सूनामी लहरें उठने की कोई ख़बर नहीं आई है जिसके बाद समझा जा रहा है कि संकट शायद टल गया है.

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