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द्वीप पर अकेले बिताए 45 दिन... | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
हिंद महासागर में 45 दिन पहले आई सूनामी लहरों के बाद अंडेमान-निकोबार के एक द्वीप में अकेली फंसी एक लड़की को पुलिस ने जीवित पाया है. ये लड़की 18 वर्षीय जैस्सी हैं जो जंगली फल और नारियल पानी से 45 दिन तक जीवित रहीं. इसी द्वीप के पास ही एक द्वीप से हाल में नौ लोगों को बचाया गया था. ये सब लोग निकोबार के एक जनजाति के थे. ताज़ा आँकड़ों के अनुसार इस द्वीप समूह में 2000 लोग मारे गए जबकि एक हज़ार लोग अब भी लापता हैं. जैस्सी ने पुलिस को बताया कि उन्हें नहीं लगता कि उनके पति और एक वर्षीय बच्चा सूनामी के कहर से जीवित बच पाए होंगे. एक पुलिस अधिकारी शौकत अज़ीज़ का कहना था, "जब सूनामी लहरें आईं तो जैस्सी जंगलों की ओर भाग गईं. जब कई दिन के बाद वे वापस आईं तब या तो बाकी के लोगों को सूनामी लहरें निगल चुकी थीं या फिर कुछ लोगों को केंपबैल बे के द्वीप पर बचाकर ले जाया जा चुका था." शौकत अज़ीज़ का कहना था, "जैस्सी का वज़न काफ़ी कम है और उनका पूरा शरीर मच्छरों के काटने से फूला हुआ है." |
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