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डीएनए से चला पता असली माँ-बाप का | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका में सूनामी लहरों की तबाही के दौरान मलबे में मिले एक बच्चे के असली माता-पिता का पता चल गया है. बेबी 81 नाम के चार महीने के इस बच्चे को अपना बेटा बताने के लिए नौ दंपतियों ने दावे किए थे जिनमें एक ने अपने अधिकार के लिए अदालत का दरवाज़ा भी खटखटाया था. अदालत की शरण लेनेवाले माता-पिता, मुरुगुपिल्लई और जेनिटा जयराज को ही सही दावेदार ठहराया गया और ये संभव हो पाया डीएनए जाँच के आधार पर. अदालत के फ़ैसले से प्रसन्न पिता मुरूगुपिल्लई ने समाचार एजेंसी एपी से कहा,"मैं बहुत खुश हूँ और अपने बेटे की वापसी के लिए ईश्वर का आभार प्रकट करता हूँ". इस परिवार ने 26 दिसंबर को आई सूनामी लहरों के प्रकोप में अपना सब कुछ गँवा दिया था और फ़िलहाल वे कल्मुनाई शहर के समीप एक राहत शिविर में रह रहे हैं. गिरफ़्तारी फ़रवरी के आरंभ में अस्पताल से बच्चे को छीनने के आरोप में मुरूगुपिल्लई और उनकी पत्नी को गिरफ़्तार कर लिया गया था. इस बच्चे का नाम बेबी 81 इसलिए पड़ा क्योंकि सूनामी लहरों के प्रकोप के बाद कल्मुनाई अस्पताल में भर्ती होनेवाला वह 81 वाँ पीड़ित था. सूनामी लहरों के कारण दो लाख से भी अधिक लोग मारे गए थे. श्रीलंका में सूनामी के कारण 30 हज़ार लोगों की मौत हो गई थी और समझा जाता है कि उनमें 40 प्रतिशत बच्चे थे. |
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