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सूनामी चेतावनी प्रणाली पर विवाद | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
हिंद महासागर में सूनामी चेतावनी प्रणाली के समन्वय केंद्र की स्थापना को लेकर 50 देशों और विभिन्न संगठनों की ओर से जुटे प्रतिनिधियों के बीच मतभेद पैदा हो गए हैं. थाईलैंड ने प्रस्ताव रखा था कि उसकी राजधानी बैंकाक में यह केंद्र बनाया जाए लेकिन इंडोनेशिया और भारत ने इसका कड़ा विरोध किया. बाद में देशों में छोटे छोटे क्षेत्रीय केंद्रों की स्थापना पर सहमति बन गई. पिछले महीने सूनामी लहरों से थाईलैंड, इंडोनेशिया, श्रीलंका और भारत समेत इस क्षेत्र के कई देशों में तबाही मची थी जिसमें ढाई लाख से अधिक लोग मारे गए. इस घटना के बाद ही सभी देशों ने चेतावनी प्रणाली संबंधी समन्वय केंद्र बनाने का फैसला किया. संवाददाताओं का कहना है कि समन्वय में मुश्किल आ रही हैं क्योंकि सभी देश अपना फायदा देखने में लगे हैं. समन्वय केंद्र की स्थापना को लेकर इंडोनेशिया, भारत और थाईलैंड के बीच मतभेदों के बाद फैसला किया गया कि संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी इंटरनेशनल ओसियानोग्राफिक कमीशन समन्वय का कामकाज देखेगी. |
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