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सूनामी पैदा करने वाले भूकंप की आशंका | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि इंडोनेशिया के सुमात्रा में भूगर्भीय भ्रंश में बनी बढ़े तनाव की स्थिति से एक और बड़ा भूकंप आ सकता है. यदि ऐसा हुआ तो हिंद महासागर में एक बार फिर सूनामी लहरें उठ सकती हैं. ब्रिटेन के यूलस्टर विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों के एक दल ने विज्ञान पत्रिका 'नेचर' में प्रकाशित एक रिपोर्ट में यह दावा किया है. वैज्ञानिकों के अनुसार इंडोनेशिया में पिछले साल आए बड़े भूकंप ने भूगर्भ में स्थित सुमात्राई भ्रंश और साथ लगे सुंडा ट्रेंच या महाखड्ड पर दबाव बहुत बढ़ा दिया है. वैज्ञानिकों के अनुसार यदि इस बढ़े दबाव के कारण कोई नया भ्रंश बनता है तो उसके परिणामस्वरूप में ज़मीन पर सात से साढ़े सात की तीव्रता वाला भूकंप आ सकता है. समुद्र के भीतर तो रिक्टर पैमाने पर आठ से साढे आठ तीव्रता वाला भूकंप आने की आशंका है. अध्ययन करने वाले दल के मुख्य सदस्य प्रोफ़ेसर जॉन मैकक्लोस्की ने बीबीसी को बताया, "दबाव की बात करें तो दोनों भ्रंशों पर 26 दिसंबर के भूकंप का पूरा असर है." उन्होंने कहा, "दबाव में इतने ज़्यादा परिवर्तन को देखते हुए मैं एक और भूकंप की भविष्याणी कर सकता हूँ. लेकिन मैं इससे ज़्यादा और कुछ नहीं कह सकता." उल्लेखनीय है कि पिछले साल सूनामी लहरों को जन्म देने वाले भूकंप का कारण भूगर्भ की इंडियन प्लेट के बर्मा प्लेट के नीचे खिसकना था. दिसंबर में आए इस भूकंप की रिक्टर पैमाने पर तीव्रता नौ आँकी गई थी. भूगर्भशास्त्रियों में ये आम राय है कि दो या दो से भूगर्भीय प्लेट की सक्रियता वाले इलाक़े बड़े भूकंपों के केंद्र होते हैं. |
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