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वाजपेयी ने गुटबंदी पर चुप्पी तोड़ी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा है कि उनकी पार्टी में उमा भारती की तिरंगा यात्रा को लेकर कोई मतभेद नहीं हैं और इस तरह का कोई भी कार्यक्रम छोटा या बड़ा नहीं होता है. मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती की तिरंगा यात्रा पर उठे विवाद से ऐसी अटकलें लगी थीं कि पार्टी में इस मुद्दे पर मतभेद हैं. अटल बिहारी वाजपेयी ने हालाँकि ऐसे किसी भी मतभेद की ख़बरों को निराधार बताते हुए कहा कि पार्टी का कोई भी कार्यक्रम छोटा या बड़ा नहीं होता, सब बराबर होते हैं. दिल्ली में पंडित दीन दयाल उपाध्याय के जन्म दिन के अवसर पर वाजपेयी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, "किसी कार्यक्रम के छोटे या बडे होने का सवाल ही पैदा नहीं होता, हर कार्यक्रम पार्टी आयोजित करती है इसलिए सभी महत्वपूर्ण हैं." आयोजन के बाद वाजपेयी ने पत्रकारों से बातचीत में ऐसी ख़बरों को निराधार बताया कि पार्टी के तीन कार्यक्रम - उमा भारती की तिरंगा यात्रा, वीर सावरकर मुद्दे पर सुषमा स्वराज के नेतृत्व में सांसदों का गिरफ़्तारी देना और पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती को एक साथ ही आयोजित किए जाने पर कोई मतभेद हैं. वाजपेयी ने कहा कि यह अच्छा ही है कि पार्टी ने तीनों कार्यक्रम एक साथ रखे हैं और ये सभी महत्वपूर्ण हैं और विभिन्न मुद्दों पर पार्टी के रुख़ को दर्शाते हैं. "किसी को यह नहीं सोचना चाहिए कि कोई ख़ास कार्यक्रम छोटा है और कोई अन्य कार्यक्रम बड़ा है." वाजपेयी ने हालाँकि कहा कि राजनीति में सोच विचार कर आगे बढ़ने की प्रवृत्ति कम हो रही है, राजनीति में समुचित चिंतन करके ही अपनी दिशा और दशा तय की जानी चाहिए. ग़ौरतलब है कि उमा भारती की तिरंगा यात्रा शनिवार को अमृतसर के जलियाँवाला बाग़ में समाप्त हो गई. |
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