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उमा भारती नहीं लौटेंगी पद पर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय जनता पार्टी ने केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन, यूपीए सरकार के विरुद्ध आंदोलन तेज़ करते हुए 'तिरंगा यात्रा' निकालने का फ़ैसला किया है. हाल ही में रिहा हुईं भाजपा नेता उमा भारती कर्नाटक के हुबली से पंजाब के जलियाँवाला बाग़ तक ये यात्रा निकालेंगी. इसके अलावा भाजपा ने कहा है कि उमा भारती को दोबारा मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री नहीं बनाया जाएगा. उमा भारती की ये यात्रा 10 सितंबर से शुरू होकर 25 सितंबर तक चलेगी और महाराष्ट्र से होकर गुज़रेगी जहाँ जल्दी ही चुनाव होने वाले हैं. इस बीच कांग्रेस ने उमा भारती के रवैए और पार्टी के इस अभियान की आलोचना की है. पार्टी प्रवक्ता जयंती नटराजन ने कहा कि उमा भारती भ्रम की शिकार हैं. भाजपा ने 21 सितंबर को पोर्ट ब्लेयर में 'अंडमान सत्याग्रह' करने की योजना भी बनाई है. भाजपा का आरोप है कि केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री मणिशंकर अय्यर ने वीर सावरकर का अपमान किया है और उसी के विरोध में उसने इस आंदोलन को सत्याग्रह का नाम दिया है. इसके अलावा पार्टी ने 21 से 25 सितंबर के बीच देश भर में आंदोलन चलाने की बात कही है जिसमें माँग होगी केंद्र सरकार से आपराधिक मामलों में फँसे मंत्रियों को हटाने की. उमा भारती 10 वर्ष पुराने एक मामले में गिरफ़्तार होने के बाद दो दिन पहले ही जेल से रिहा हुई हैं. पार्टी प्रवक्ता अरुण जेटली ने 'तिरंगा यात्रा' के बारे में बताया कि यात्रा कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान से होकर गुज़रेगी. बंगलौर में हुई भाजपा की बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी के साथ ही पार्टी प्रमुख वेंकैया नायडू भी उपस्थित थे. 'तिरंगा यात्रा' के संयोजक कर्नाटक प्रदेश अध्यक्ष अनंत कुमार होंगे जबकि 'अंडमान सत्याग्रह' की कमान पार्टी नेता सुषमा स्वराज संभालेंगी. |
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