|
पूर्व केंद्रीय मंत्री शिबू सोरेन रिहा हुए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
झारखंड मुक्ति मोर्चा नेता और पूर्व केंद्रीय कोयला मंत्री शिबू सोरेन रिहा हो गए हैं. उन्हें राँची उच्च न्यायालय से पिछले सप्ताह ज़मानत मिल गई थी. क़रीब 30 साल पुराने एक हत्याकाँड मामले में उनके ख़िलाफ़ जुलाई में ग़ैर-ज़मानती वारंट जारी हुए थे जिनके बाद वह काफ़ी दिनों तक लापता रहे थे. यह मामला चिरूडीह में एक रैली के दौरान दस मुसलमानों की हत्या का था और दूसरा मामला 1974 में दोहरे हत्याकाँड का था. बाद में उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया था और अदालत में समर्पण कर दिया था. राँची उच्च न्यायालय ने पिछले शुक्रवार को शिबू सोरेन की ज़मानत मंज़ूर करते हुए कहा था कि वह डेढ़ लाख रुपए का मुचलका भर दें जिसके बाद उन्हें ज़मानत पर रिहा कर दिया जाएगा. न्यायालय ने शिबू सोरेन पर यह पाबंदी भी लगाई है कि वे देश से बाहर नहीं जा सकते और उन्हें अपना पासपोर्ट न्यायालय में जमा कराने की हिदायत दी गई है. न्यायालय ने सोरेन की ज़मानत के लिए एक और शर्त ये लगाई थी कि जिस निचली अदालत में यह मुक़दमा चल रहा है, वह वहाँ नियमित रूप से अपनी हाज़िरी देते रहेंगे. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||