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सोरेन पर संसद में हंगामा, सुनवाई भी टली | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
झारखंड उच्च न्यायालय ने कोयला मंत्री शिबू सोरेन के विरुद्ध जारी हुए ग़ैर-ज़मानती वारंट को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई सोमवार तक के लिए टाल दी है. इस बीच शिबू सोरेन का मसला शुक्रवार को लोकसभा और राज्यसभा दोनों में ही फिर उछला जिसकी वजह से कार्यवाही नहीं चल सकी. लोकसभा 16 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी गई है. जबकि सुबह हुए हंगामे के बाद राज्यसभा दोपहर तक के लिए स्थगित करनी पड़ी थी. सोरेन के वकील आरएस मजूमदार ने बताया कि यह मामला राँची उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पीके सुब्रह्मण्यम अय्यर के सामने आने से पहले ही सुनवाई सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई. 1975 में हुए चिरुडीह हत्याकाँड मामले में सोरेन के विरुद्ध पिछले सप्ताह शनिवार को ग़ैर-ज़मानती वारंट जारी हुआ था. उसके बाद रविवार से उनके बारे में कुछ पता नहीं है और वह संसद में भी नहीं आए. शिबू सोरेन प्रकरण को लेकर तीन दिन से लोकसभा में कोई विशेष काम नहीं हो पा रहा है. अब तीन सप्ताह के अंतराल के बाद कार्यवाही 16 अगस्त से होगी. उधर राज्यसभा में शुक्रवार को कार्यवाही शुरू होने पर विपक्षी सदस्यों ने सोरेन का मुद्दा उछालना शुरू कर दिया. इसके बाद भारतीय जनता पार्टी, शिव सेना और अन्नाद्रमुक के सदस्यों ने सभापति की कुर्सी के पास जाकर नारेबाज़ी शुरू कर दी. एक विपक्षी सदस्य ने तो इस मामले में प्रधानमंत्री से बयान देने की भी माँग की. इसी शोर-गुल के बीच सभापति भैरों सिंह शेखावत ने सदन की कार्यवाही दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी. |
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