| प्रधानमंत्री ने शिबू सोरेन से इस्तीफ़ा माँगा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कोयला मंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता शिबू सोरेन से इस्तीफ़ा माँगा है. प्रधानमंत्री ने शिबू सोरेन के निजी सचिव को पत्र लिखकर सोरेन से इस्तीफ़ा देने को कहा है. झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव और पार्टी सासंद सुनील कुमार मेहतो ने बीबीसी के साथ बातचीत में यह पुष्टि की है. लेकिन उन्होंने फ़िलहाल ये विस्तारपूर्वक बताने के इनकार किया कि अब कोयला मंत्री की रणनीति क्या होगी. 1975 में हुए चिरुडीह हत्याकाँड मामले में सोरेन के विरुद्ध पिछले सप्ताह शनिवार को ग़ैर-ज़मानती वारंट जारी हुआ था. उसके बाद रविवार से उनके बारे में कुछ पता नहीं है और वह संसद में भी नहीं आए. संसद में हंगामा उधर झारखंड उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को शिबू सोरेन के विरुद्ध जारी ग़ैर-ज़मानती वारंट को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई सोमवार तक के लिए टाल दी. इस बीच शिबू सोरेन का मसला शुक्रवार को भी लोकसभा और राज्यसभा में उछला और दोनो सदनों की कार्यवाही नहीं चल सकी. लोकसभा की कार्यवाही 16 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी गई. शिबू सोरेन प्रकरण को लेकर तीन दिन से लोकसभा में कोई विशेष काम नहीं हो पाया. लोकसभा के इतिहास में शायद पहली बार सभापति को सदन में बोलने नहीं दिया गया और सोमनाथ चटर्जी को पत्रकार सम्मेलन में अपनी बात कहनी पड़ी. उन्होंने इस बात पर अफ़सोस ज़ाहिर किया कि उन पर आरोप लगाए जा रहे हैं. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि वे पूर्ण निष्पक्षता से सदन की कार्यवाही चला रहे हैं. उधर राज्यसभा में शुक्रवार को कार्यवाही शुरू होने पर भारतीय जनता पार्टी, शिव सेना और अन्नाद्रमुक के विपक्षी सदस्यों ने सभापति की कुर्सी के पास जाकर नारेबाज़ी शुरू कर दी. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||