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शिबू सोरेन ने फ़ैक्स से इस्तीफ़ा भेजा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के कोयला मंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता शिबू सोरेन ने सप्ताह भर के विवाद के बाद शनिवार को मंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कहने पर उन्होंने अपना इस्तीफ़ा फ़ैक्स से भेजा. उनका इस्तीफ़ा स्वीकार कर लिया गया है. झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव और सांसद सुनील मेहतो ने शनिवार को सोरेन के इस्तीफ़े की पुष्टि करते हुए कहा कि यह उन्हें राजनीतिक साज़िश का शिकार बनाया जा रहा है. सुनील मेहतो ने बताया, "हमने प्रधानमंत्री से मुलाक़ात करके उन्हें शिबू सोरेन का इस्तीफ़ा सौंप दिया. हमने उन्हें आश्वासन दिया है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा सरकार के साथ." समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ प्रधानमंत्री से मुलाक़ात के बाद सुनील मेहतो ने कहा, "झारखंड की भाजपा सरकार ने आगामी विधान सभा चुनावों को देखते हुए राजनीतिक कारणों से यह मामला फिर से खोला है और यह सरासर एक राजनीतिक साज़िश है." संसदीय कार्य के मंत्री ग़ुलाम नबी आज़ाद ने दिल्ली में पत्रकारों को इसकी पुष्टि की कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री को सोरेन का फ़ैक्स इस्तीफ़ा भेजा है. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने लंबे विवाद के बाद शुक्रवार को पत्र लिखकर शिबू सोरेन से इस्तीफ़ा देने को कहा था. भारतीय जनता पार्टी ने शिबू सोरेन के इस्तीफ़े का स्वागत करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री ने यह फ़ैसला लेकर अच्छा काम किया है. भाजपा की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज ने दिल्ली में कहा, "अगर प्रधानमंत्री यह फ़ैसला चार दिन पहले ले लेते तो संसद में हुए हंगामे को रोका जा सकता था." मामला 1975 में तत्कालीन बिहार के चिरूडीह में हुए एक हत्याकाँड के मामले में झारखंड की एक निचली अदालत ने शिबू सोरेन के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी वारंट जारी किए थे तब से वह लापता हैं और संसद में भी नहीं आए हैं. इस पर संसद में लगभग पूरे सप्ताह हंगामा हुआ और विपक्ष ने प्रधानमंत्री से शिबू सोरेन को बर्ख़ास्त करने की माँग की थी. मोर्चा के सांसद सुनील मेहतो ने शनिवार को कहा कि सोमवार को शिबू सोरेन की ज़मानत अर्ज़ी पर राँची उच्च न्यायालय में सुनवाई होगी और अगर उनकी ज़मानत मंज़ूर हो जाती है तो आगे की रणनीति तय की जाएगी. शिबू सोरेन की ज़मानत अर्ज़ी पर कई दिन से सुनवाई पर यह अटकलें थीं लेकिन आख़िरकार शुक्रवार को यह मामला उच्च न्यायलय की सूची में तो आया लेकिन सुनवाई के लिए सोमवार का दिन तय किया गया. इस बीच शिबू सोरेन का मसला शुक्रवार को भी लोकसभा और राज्यसभा में उछला और दोनो सदनों की कार्यवाही नहीं चल सकी. लोकसभा की कार्यवाही 16 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी गई. शिबू सोरेन प्रकरण को लेकर तीन दिन से लोकसभा में कोई विशेष काम नहीं हो पाया. |
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