BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
गुरुवार, 22 अप्रैल, 2004 को 11:49 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
एक्ज़िट हो जाओ...
बिंदास बाबू
एक्ज़िट पोल की महिमा सुनिए...
(बिंदास बाबू की डायरी)

बीबीसी के प्रिय श्रोताओं-पाठकों, सबको राम-राम, सलाम, सत् श्रीअकाल.

“अपने जनतंत्र में कोई नहीं हारता.जो जीतता है, वो तो जीतता ही है, जो हारता है वो भी जीत जाता है.”

रामभरोसे भाषण की मुद्रा में बिंदास बाबू को एक्ज़िट पोल के बारे में बता रहे थे.

अब एक्ज़िट पोल को ही लो, जब आदमी बूथ से जीवित आता है तो उसका पोल लिया जाता है. वह पोल खोल देता है.

देखिए बूथ में जब आता है तो नहीं बताता है, बूथ से जाता है तो बताता जाता है, यही एक्ज़िट पोल कहलाता है.

लेकिन रामभरोसे, “वोट तो गोपनीय होता है न. तब काहे पूछते हो. काहे को बताते हो.” हमने बीच में रामभरोसे के धाराप्रवाह प्रवचन को रोका.

डायरी के पन्ने

“अरे गोपनीय-वोपनीय क्या होता है. सब कुछ वोटनीय होता है, पारदर्शनीय होता है. अरे जिस देश में गंगा बहती है,जिस देश में लालू रहते हैं, जिस देश में भगवान सामने आकर भक्त को दर्शन देते हैं, वहाँ ये वोट कैसे दर्शनीय नहीं होगा जी.”

‘सुना है उधर सब लोग दिखाकर वोट देते हैं, कुछ भी गोपनीय नहीं रहने देते,यानी बिहार में.”

“यार बिंदास,ये सब तुम्हारे शहरों के नखरे हैं कि सारा बदन उधाड़ कर दिखाते रहते हो और फिर कहते हो कि अंगप्रदर्शन नहीं करते.”

“ये ढ़ोंग-पाखँड तुम्हारा है भइया, इधर तो दिखाकर वोट पड़ता है. नहीं दिखाओगे तो वो बंदूक दिखाएगा न.”

“सो गवाही के साथ वोट दिया जाता है ताकि सनद रहे. जब देना है तो छिपाना क्या.”

“यह भारतीय जनतंत्र है प्यारे, वोट जाने से पहले सब दिखाते हैं कि वोट किधर जाना है. इसलिए एक्ज़िट पोल तो ड्रामा है. सबको सब मालूम रहता है कि कौन किधर जाता है.”

“तब ये लोग जो आकड़ों पर बहस करते रहते हैं, ये क्यों करते हैं.”

“यार बिंदास, ये तो तुम लोगों का चोंचला है. तुम्हारे लिए जो वोट है, हमारे लिए वो नोट है.”

“तुम कहते हो, नोट जनतंत्र पर चोट है, हम कहते हैं, वो जनतंत्र की ओट है. इसीलिए बचा हुआ है. तुम्हारा भी दाना-पानी चल जाता है, हमें भी मिल जाता है. हम तो कहते हैं, एक ऐटरपोल भी हो जाना चाहिए.”

हम चौंके, इंटेलेक्ट्चुलाए रामभरोसे एकदम नया आइडिया दे रहे है. “वो कैसे.”

“अरे भइया,वोटर वोट दे रहा है, नोटर नोट दे रहा है. आप पूछ रहे हो किसे दोगे. वोट डालकर वोटर आ रहा है, वोटर नोटर से नोट ले रहा है, आप पूछ रहे हो किसे दिया.ये भी कोई बात हुई.”

“जहाँ वोट की तुक नोट हो,वहाँ कोई सवाल नहीं होता,कोई जवाब भी नहीं होता प्यारे.”

“और अब हे बिंदास भाई,तुम दिमाग मत खाओ,फटाफट एक्ज़िट हो जाओ.”

इससे जुड़ी ख़बरें
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>