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उत्तर कोरिया के परीक्षण की निंदा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने उत्तर कोरिया के भूमिगत परमाणु परीक्षण की निंदा की है. फ्रांस ने तो उसके ख़िलाफ़ नए प्रतिबंध लगाने की माँग की है. संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में सभी सदस्यों ने एक स्वर से उत्तर कोरिया के क़दम की भर्त्सना की. सुरक्षा परिषद की बैठक में उत्तर कोरिया के विरुद्ध और प्रतिबंध लगाने पर भी विचार हुआ. फ़्रांस ने मांग की कि इन प्रतिबंधों को प्रस्ताव में शामिल किया जाए. दूसरी ओर अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने उत्तर कोरिया के इस क़दम को अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए ख़तरा बताया है. दरअसल, उत्तर कोरिया ने सोमवार को भूमिगत परमाणु परीक्षण करके एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय बिरादरी को चिंता में डाल दिया है. उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी ने घोषणा की थी कि ये धमाका अक्टूबर, 2006 में हुए परमाणु परीक्षण से कहीं अधिक शक्तिशाली था. पिछले चार अमरीकी राष्ट्रपतियों की चेतावनियों की उपेक्षा करते हुए उत्तर कोरिया ने अपना परमाणु अस्त्र भंडार विकसित कर लिया है जिसमें अंदाज़न आठ बम हैं. वह चाहता है कि उसे एक परमाणु शक्ति संपन्न देश का दर्जा मिले जिससे उसकी स्थिति मज़बूत हो सके. बेअसर प्रतिबंध सन 2006 में उत्तर कोरिया ने पहला परमाणु परीक्षण किया था जिसकी व्यापक भर्त्सना हुई और उसके ख़िलाफ़ प्रतिबंध भी लगाए गए लेकिन वे बेअसर साबित हुए. आख़िरकार उसे बातचीत की मेज़ पर बुलाना पड़ा और अमरीका ने कई रिआयतें देने का वादा भी किया. इस बार भी शायद उत्तर कोरिया यही उम्मीद कर रहा है कि आरंभिक आलोचनाओं के बाद उसे बातचीत के लिए आमंत्रित किया जाएगा. वह अपने प्लूटोनियम उत्पादन प्रतिष्ठान पर लेन देन करने को राज़ी है लेकिन परमाणु अस्त्र भंडार पर किसी तरह का कोई समझौता नहीं करना चाहता. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि उत्तर कोरिया के नेता किम जॉंग इल ने परीक्षण के समय का चयन बहुत सोच समझ कर किया है. उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है और वो अपने बेटों में से किसी एक को अपना उत्तराधिकारी बनाने की तैयारी कर रहे हैं. इस परमाणु परीक्षण की सफलता से देश में उनकी छवि को अवश्य ही बल मिलेगा. दूसरी ओर वे अमरीका के नए प्रशासन को भी यह दिखाना चाहते हैं कि उन्हें गंभीरता से लिया जाए. अब तक कई अमरीकी सरकारें उत्तर कोरिया की हठधर्मिता से जूझती रही हैं, उन्होंने सैन्य कार्रवाई के विकल्प पर भी विचार किया लेकिन फिर उसे त्याग दिया. राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से उत्तर कोरिया के ख़िलाफ़ क़दम उठाने की अपील की है और परमाणु परीक्षण को अंतरराष्ट्रीय क़ानून का उल्लंघन बताया है. राष्ट्रपति ओबामा का कहना था,'' उत्तर कोरिया का परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम विश्व शांति और सुरक्षा के लिए एक बड़ा ख़तरा है और मैं उनके इस क़दम की कड़ी भर्त्सना करता हूँ. उत्तर कोरिया का यह क़दम पूर्वोत्तर एशिया के लोगों को ख़तरे में डाल रहा है, यह अंतरराष्ट्रीय क़ानून का उल्लंघन है.'' उत्तर कोरिया के सबसे नज़दीकी मित्र देश चीन समेत कई देशों ने परमाणु परीक्षण की कड़ी निंदा की है. लेकिन अभी तक उत्तर कोरिया के ख़िलाफ़ कार्रवाई को लेकर सहमति नहीं बन पाई है. | इससे जुड़ी ख़बरें उत्तर कोरिया का 'सफल' परमाणु परीक्षण25 मई, 2009 | पहला पन्ना सुरक्षा परिषद ने उत्तर कोरिया की निंदा की14 अप्रैल, 2009 | पहला पन्ना ख़त्म हों परमाणु हथियार: ओबामा05 अप्रैल, 2009 | पहला पन्ना 'सैटेलाइट को छुआ तो युद्ध तय'09 मार्च, 2009 | पहला पन्ना उत्तर कोरिया ने दक्षिण से समझौता तोड़ा30 जनवरी, 2009 | पहला पन्ना उत्तर कोरिया आतंकवाद की सूची से बाहर11 अक्तूबर, 2008 | पहला पन्ना 'उत्तर कोरिया का परमाणु कार्यक्रम बंद'18 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना परमाणु निरीक्षक उत्तर कोरिया में14 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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