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उत्तर कोरिया आतंकवाद की सूची से बाहर | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका ने उत्तर कोरिया को आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देशों की सूची से हटाने का फ़ैसला किया है. अमरीकी अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है. अमरीकी विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने उत्तर कोरिया के परमाणु संयंत्रों की जाँच के तरीक़ों पर हुई सहमति के बाद यह घोषणा की. एक अधिकारी ने कहा, "हम जाँच के जितने भी पक्ष चाहते थे, उन सभी को इस समझौते में शामिल किया गया है". इस जाँच को लेकर उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण की प्रक्रिया में गतिरोध बना हुआ था. गतिरोध अमरीकी विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने यह भी कहा कि उत्तर कोरिया अपने परमाणु संयंत्रों को निष्क्रिय करने का काम फिर से शुरू करेगा. पिछले सप्ताह अमरीका के एक दूत क्रिस्टोफ़र हिल उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग गए थे और जहाँ उन्होने कई दिनों तक उत्तर कोरिया के अधिकारियों के साथ बातचीत की थी. उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु संयंत्रों को अगस्त में निष्क्रिय करने का काम शुरू किया था लेकिन जब अमरीका ने आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देशों की सूची में से उसका नाम हटाने से इनकार कर दिया तो उसने फिर से संयंत्र चालू करने का काम शुरु कर दिया. इसके अलावा उत्तर कोरिया ने संयुक्त राष्ट्र के जांचकर्ताओं को देश से निकाल दिया, कम दूरी तक मार करने वाली मिसाइलों का परीक्षण किया और अमरीका से तनातनी का रास्ता अपनाया. विश्लेषकों का कहना है कि उत्तर कोरिया अंतरराष्ट्रीय सहायता और ऋण चाहता है साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ कूटनीतिक संबंध बनाना चाहता है जिसके लिए इस सूची से निकलना ज़रूरी था. | इससे जुड़ी ख़बरें परमाणु निरीक्षक उत्तर कोरिया में14 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना उत्तर कोरिया संयंत्र बंद किए जाने की पुष्टि16 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना 'उत्तर कोरिया का परमाणु कार्यक्रम बंद'18 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना उत्तर कोरिया ने किए मिसाइल परीक्षण28 मार्च, 2008 | पहला पन्ना उत्तर कोरिया ने परमाणु आँकड़े सौंपे26 जून, 2008 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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