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अमरीका, रूस परमाणु अप्रसार पर सहमत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लंदन में गुरुवार को शुरू हो रहे जी-20 सम्मेलन से ठीक पहले अमरीका और रूस के बीच परमाणु हथियारों की तादाद कम करने के लिए बातचीत पर सहमति बनी है. बुधवार को रूस के राष्ट्रपति दमित्री मेदवेदेव की अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा से बातचीत हुई जिसके बाद दोनों नेताओं ने एक संयुक्त बयान में यह विचार व्यक्त किया है. संयुक्त बयान के मुताबिक दोनों देशों ने कहा है कि वे इस बात पर सहमत हैं कि दोनों के बीच परमाणु हथियारों की तादाद कम करने को लेकर बातचीत का सिलसिला फिर से शुरू होना चाहिए. अगर ऐसा होता है तो यह एक दशक से भी ज़्यादा अवधि के बाद दोनों देशों के बीच परमाणु हथियारों की होड़ को कम करने की दिशा में एक बड़ी पहल होगी. दोनों नेताओं ने आशा जताई कि इस दिशा में बातचीत का पहला चरण इसी वर्ष जुलाई तक पूरा कर लिया जाना चाहिए. अप्रसार की दिशा में... ग़ौरतलब है कि दोनों देशों के बीच फिलहाल प्रभावी परमाणु हथियार नियंत्रण संधि यानी स्ट्रैटेजिक आर्म्स रिडक्शन ट्रीटी (स्टार्ट) इसी वर्ष दिसंबर में ख़त्म हो रही है. ऐसे में दोनों राष्ट्राध्यक्षों का मानना है कि उस संधि के पूरे होने से पहले ही दोनों देशों के बीच परमाणु हथियारों की तादाद कम करके को लेकर एक और प्रभावी संधि आ जानी चाहिए. इस मौके पर अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा कि अगर दोनों ही देश परमाणु हथियारों की तादाद कम करने को लेकर एक नया समझौता कर पाते हैं तो दोनों देश दुनियाभर के सामने परमाणु अप्रसार को लेकर एक मज़बूत उदाहरण पेश कर सकेंगे. दोनों नेताओं के बीच इस बातचीत के दौरान ही रूसी राष्ट्रपति ने बराक ओबामा को इसी वर्ष जुलाई में मास्को आने का न्यौता भी दिया जिसे ओबामा ने स्वीकार कर लिया है. आशा जताई गई है कि ओबामा की यात्रा के समय तक परमाणु हथियारों की कमी को लेकर बातचीत के प्रयास की शुरुआती तैयारी भी हो सकेगी. दो अप्रैल को होने वाले सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए अमरीकी राष्ट्रपति ओबामा समेत कई बड़े नेता लंदन पहुंच चुके हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें जी 20 के लिए सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम01 अप्रैल, 2009 | पहला पन्ना फ़्रांस ने दी जी-20 से हटने की धमकी31 मार्च, 2009 | पहला पन्ना मतभेदों के बीच जी-20 की बैठक14 मार्च, 2009 | कारोबार नैटो रूस से संबंध दोबारा स्थापित करेगा05 मार्च, 2009 | पहला पन्ना 'रूस और चीन की नकारात्मक छवि'06 फ़रवरी, 2009 | पहला पन्ना मनास अड्डा बंद करने का फ़ैसला अंतिम06 फ़रवरी, 2009 | पहला पन्ना 'दुनिया पर अमरीकी दबदबा ख़तरे में'21 नवंबर, 2008 | पहला पन्ना रूस के ख़िलाफ़ प्रतिबंध पर विचार28 अगस्त, 2008 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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