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रूस के ख़िलाफ़ प्रतिबंध पर विचार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़्रांस के विदेश मंत्री बर्नार्ड कूशनेर ने कहा है कि यूरोपीय संघ के नेता जॉर्जिया संकट को लेकर रूस के ख़िलाफ़ प्रतिबंध और अन्य विकल्पों पर विचार कर रहे हैं. हालाँकि उन्होंने उम्मीद जताई कि मामला बातचीत के माध्यम से निपट जाएगा. जॉर्जिया में रूस की सैनिक कार्रवाई और दक्षिण ओसेतिया-अबख़ाज़िया की स्वतंत्रता को मान्यता देने से पश्चिमी देश नाराज़ हैं. दूसरी ओर एक महत्वपूर्ण सम्मेलन में रूस के सहयोगी एशियाई देशों ने दक्षिण ओसेतिया और अबख़ाज़िया की आज़ादी को मान्यता नहीं दी. लेकिन रूस के राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव का कहना है कि इस मामले में उनकी 'सहमति' है. शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सम्मेलन में मेदवेदेव ने कहा कि संगठन का रुख़ एक है और इसकी अंतरराष्ट्रीय गूँज ज़रूर सुनाई देगी. समर्थन लेकिन मॉस्को से बीबीसी संवाददाता हंफ्री हॉक्सले का कहना है कि सम्मेलन में जारी बयान रूस की अपेक्षाओं से काफ़ी कम है. हालाँकि इस संगठन में शामिल चीन, कज़ाख़स्तान, किर्गिज़स्तान, तजाकिस्तान और उज़बेकिस्तान ने जॉर्जिया संकट को हल करने के लिए रूस की सक्रिय भूमिका का समर्थन किया. लेकिन बयान में यह भी कहा गया है- शंघाई सहयोग संगठन के सदस्य इस बात पर दक्षिण ओसेतिया मामले पर पैदा हुए तनाव पर अपनी चिंता व्यक्त करते हैं और सभी पक्षों से अपील करते हैं कि वे बातचीत के माध्यम से मौजूदा संकट का शांतिपूर्ण हल निकालें. इस महीने के शुरू में जॉर्जिया ने रूस के समर्थन वाले दक्षिण ओसेतिया पर फिर से क़ब्ज़ा करने की कोशिश की थी. लेकिन रूस ने जवाबी कार्रवाई की और जॉर्जिया को दक्षिण ओसेतिया और अबख़ाज़िया से हटना पड़ा. बाद में यूरोपीय संघ की मध्यस्थता से युद्धविराम समझौता हुआ. लेकिन जॉर्जिया से रूस ने अपने सभी सैनिकों को वापस नहीं बुलाया है. इस कारण फ़्रांस ने सोमवार को यूरोपीय संघ की एक आपात बैठक बुलाई है. विचार-विमर्श फ़्रांस के विदेश मंत्री ने कहा, "रूस के ख़िलाफ़ पाबंदी लगाने पर विचार हो रहा है और अन्य विकल्पों पर भी चर्चा हो रही है. हम एक मज़बूत दस्तावेज़ पर काम कर रहे हैं जिसमें यह बताया जाएगा कि हम जॉर्जिया में जो कुछ हो रहा है उसे स्वीकार न करने को लेकर प्रतिबद्ध हैं."
हालाँकि बाद में एक बयान जारी करके बर्नार्ड कूशनेर ने कहा कि फ़्रांस ने पाबंदी के लिए प्रस्ताव नहीं रखा है, लेकिन अगर पाबंदी की बात आती है तो यूरोपीय संघ के अध्यक्ष होने के नाते वे सभी 27 सदस्यों के बीच सहमति की कोशिश करेंगे. अमरीका, कनाडा, ब्रिटेन, जर्मनी, इटली, फ़्रांस और जापान पहले ही यह कह चुके हैं कि दक्षिण ओसेतिया और अबख़ाज़िया की आज़ादी को मान्यता देना जॉर्जिया की अखंडता का उल्लंघन है. इन देशों ने जॉर्जिया में रूस के अत्यधिक बल प्रयोग की आलोचना की. ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड मिलिबैंड का कहना है कि पश्चिमी देशों को रूस के साथ अपने संबंधों पर फिर से विचार करना चाहिए. उन्होंने रूस को चेतावनी देते हुए कहा कि वह नया शीत युद्ध न शुरू करे. लेकिन रूस का कहना है कि वह ऐसा करने वाला आख़िरी देश होगा. | इससे जुड़ी ख़बरें रूस ने विद्रोही प्रांतों को मान्यता दी26 अगस्त, 2008 | पहला पन्ना अबख़ाज़िया-ओसेतिया के समर्थन में संसद25 अगस्त, 2008 | पहला पन्ना रूस पर युद्धविराम के उल्लंघन का आरोप23 अगस्त, 2008 | पहला पन्ना रूस ने हथियारों की होड़ की चेतावनी दी21 अगस्त, 2008 | पहला पन्ना रूस ने संयुक्त राष्ट्र का प्रस्ताव ठुकराया20 अगस्त, 2008 | पहला पन्ना नैटो की चेतावनी पर रूस की नाराज़गी19 अगस्त, 2008 | पहला पन्ना रूस ने हस्ताक्षर किए पर तनाव बरकरार17 अगस्त, 2008 | पहला पन्ना 'दुनिया को रूसी कार्रवाई स्वीकार्य नहीं'16 अगस्त, 2008 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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