|
रूस ने हस्ताक्षर किए पर तनाव बरकरार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रूस के राष्ट्रपति मेदवेदेव ने जॉर्जिया के साथ शांति समझौते पर औपचारिक दस्तख़त कर दिए हैं. लेकिन इसके बावजूद भी रूसी सेना के कदम थमे नहीं हैं. रूसी सेना ने जॉर्जिया में काला सागर से राजधानी तिब्लिसी तक जाने वाले हाईवे पर कब्ज़ा कर लिया है. बीबीसी संवाददाता के मुताबिक रूसी सेना तिब्लिसी से महज 30 किलोमीटर दूर रह गई है. तिब्लिसी के नज़दीक रूसी सेना के कब्ज़े वाले शहर में एक रूसी सैनिक ने बताया कि उनकी मंज़िल तिब्लिसी हो सकती है. जबकि एक और रूसी सैनिक ने बीबीसी संवाददाता को बताया कि उसे लगता है कि उन्हें जॉर्जिया में एक साल तक रहना पड़ सकता है. हालांकि, रूस के राष्ट्रपति भवन(क्रेमलिन) ने इस तरह के किसी भी कब्ज़े से साफ़ इनकार किया है. रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लवरोफ़ का कहना है कि रूसी सेना जॉर्जिया से तभी हटेगी जब वहाँ अतिरिक्त सुरक्षा की बहाली हो जाएगी. राहत और बचाव कार्य करने वाली संस्था रेड क्रॉस की अंतरराष्ट्रीय समिति के अध्यक्ष जैकब कैलेनबर्गर युद्धग्रस्त इलाक़ों में जाकर राहत कार्य का जायज़ा लेंगे. समझौते का स्वागत अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने रूस और जॉर्जिया के बीच हुई शांति समझौते का स्वागत किया है लेकिन उनका कहना है कि रूस को दक्षिणी ओसेतिया और अबख़ाज़िया के इलाक़ों पर से दावा छोड़ देना चाहिए.
इस बीच जॉर्जिया ने आरोप लगाया है कि अबख़ाज़ में अलगाववादियों ने जॉर्जिया के 13 गाँवों और एक पनबिजली घर को कब्ज़े में ले लिया है. हालांकि जॉर्जिया के इन दावों की अभी पुष्टि नहीं हुई है. रूस और जॉर्जिया के बीच ये लड़ाई उस वक्त शुरू हुई थी जब सात अगस्त को जॉर्जिया ने दक्षिणी ओसेतिया के एक इलाक़े पर हमला कर दिया था. इस इलाक़े पर रूस समर्थित अलगाववादियों की सत्ता क़ायम है. इसके बाद रूस ने जॉर्जिया पर ज़ोरदार हमला कर दिया और उसकी सेना जॉर्जिया में काफ़ी अंदर तक घुस गई. इस लड़ाई में 2000 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं और हज़ारों बेघर हो गए हैं. जॉर्जिया को अमरीका समर्थित माना जाता है. शनिवार को ही रूस के राषट्रपति दिमित्री मेदवदेव और जॉर्जिया के राष्ट्रपति मिखाइल साकशविली के बीच शांति समझौता हुआ. छह सूत्रीय समझौते के तहत दोनों देशों की सेनाएँ युद्ध शुरू होने से पहले वाली स्थिति में लौट जाएँगी. लेकिन, ऐसी ख़बरे हैं कि इस समझौते में एक प्रावधान ऐसा है जिसमें रूस अंतरराष्ट्रीय शांति निगरानीकर्ताओं के आने से पहले अतिरिक्त सुरक्षा के तहत जॉर्जिया के इलाक़ों में अपनी सेना रख सकता है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'दुनिया को रूसी कार्रवाई स्वीकार्य नहीं'16 अगस्त, 2008 | पहला पन्ना रूसी सेना तिब्लिसी से बीस मील दूर15 अगस्त, 2008 | पहला पन्ना 'रूस आक्रामक कार्रवाई से बाज आए'15 अगस्त, 2008 | पहला पन्ना अमरीकी सेना पहुँचाएगी जॉर्जिया में मदद13 अगस्त, 2008 | पहला पन्ना जॉर्जिया ने चूक की, रूस चूक कर रहा है11 अगस्त, 2008 | पहला पन्ना युद्ध रोकने की कोशिशें नाकाम10 अगस्त, 2008 | पहला पन्ना जॉर्जिया ने संघर्षविराम की पेशकश की10 अगस्त, 2008 | पहला पन्ना रूस-जॉर्जिया संघर्ष से जुड़े अहम सवाल09 अगस्त, 2008 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||