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नैटो की चेतावनी पर रूस की नाराज़गी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रूस ने नैटो की उस चेतावनी को नाराज़गी के साथ ख़ारिज कर दिया है जिसमें उसने कहा था कि जब तक जॉर्जिया में उसकी फ़ौजें हैं रिश्तों का सामान्य होना असंभव है. रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लवरोफ़ ने नैटो पर पूर्वाग्रही होने और तिब्लिसी के 'आपराधिक शासन' को बचाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है. उन्होंने ज़ोर देकर कहा है कि रूस जॉर्जिया पर कब्ज़ा नहीं कर रहा है और उसका इरादा दक्षिण ओसेतिया के इलाक़े में जाने का भी नहीं है. इससे पहले नैटो ने माँग की थी कि यूरोपीय संघ की मध्यस्थता में हुए संघर्ष विराम के अनुसार रूस को जॉर्जिया से अपने सैनिक हटा लेने चाहिए. उधर अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने भी कहा है कि अब समय आ गया जब रूसी फ़ौजों को वहाँ लौट जाना चाहिए जहाँ वह संघर्ष शुरु होने के पहले थी. रूसी राष्ट्रपति दिमित्री मेदवदेव ने फ़्रांसिसी राष्ट्रपति निकोलस सार्कोज़ी को फ़ोन पर सूचना दी है कि रूसी सेना 21-22 अगस्त तक जॉर्जिया से हट जाएगी. उन्होंने कहा है कि कोई 500 सैनिक दक्षिण ओसेतिया की सीमा से लगे शांतिरक्षा चौकियों पर बचे रहेंगे. इस बीच जॉर्जिया के शहर गोरी से कुछ रूसी टैंकों को लौटते हुए देखा गया है. हालांकि बीबीसी संवाददाता का कहना है कि रूसी सैना अभी भी तैनात है और जॉर्जिया की राजधानी तिब्लिसी के पास रूसी चेक पॉइंट अभी भी बने हुए हैं. इस संघर्ष की शुरुआत सात अगस्त को तब हुई थी जब जॉर्जिया ने टूटकर अलग हुए दक्षिण ओसेतिया पर फिर से नियंत्रण के लिए गोलाबारी शुरु की थी. दक्षिण ओसेतिया को रूस का समर्थन प्राप्त है और इस संघर्ष के बाद रूसी सेनाएँ जॉर्जिया के भीतर प्रवेश कर गईं थीं. चेतावनी ब्रेशेल्स में इस संघर्ष को लेकर हुई बैठक के बाद नैटो के 26 विदेश मंत्रियों ने एक संयुक्त बयान में कहा था कि रूस से नैटो के संबंध तक तक सामान्य नहीं हो सकते जब तक कि रूसी सेना जॉर्जिया में मौजूद है. नैटो के महासचिव ने बयान में कहा, "रूस की कार्रवाई का नैटो और रूस के संबंधों पर क्या असर पड़ेगा इस पर नैटो गंभीरता से विचार कर रहा है." उन्होंने कहा, "यह तो तय है कि हम इसे सामान्य रुप से स्वीकार नहीं कर सकते." लेकिन उनका कहना था कि बातचीत के रास्ते अभी बंद नहीं हुए हैं. उन्होंने कहा कि नैटो के सदस्य देशों ने एक नैटो-जॉर्जिया आयोग गठित करने पर सहमति जताई है लेकिन यह फ़ैसला नहीं हो सका है कि जॉर्जिया कब नैटो से जुड़ सकेगा. इस पर प्रतिक्रिया जताते हुए टेलीविज़न पर दिए गए संदेश में रूसी विदेश मंत्री लवरोफ़ ने कहा कि रूसी सेना दक्षिण ओसेतिया में तभी गई जब जॉर्जिया ने उस पर कब्ज़ा जमाने की कोशिश की. उन्होंने नैटो पर पूर्वाग्रही होने का भी आरोप लगाया. | इससे जुड़ी ख़बरें 'सोमवार को शुरू होगी सैनिकों की वापसी'17 अगस्त, 2008 | पहला पन्ना रूस ने हस्ताक्षर किए पर तनाव बरकरार17 अगस्त, 2008 | पहला पन्ना 'दुनिया को रूसी कार्रवाई स्वीकार्य नहीं'16 अगस्त, 2008 | पहला पन्ना अमरीकी सेना पहुँचाएगी जॉर्जिया में मदद13 अगस्त, 2008 | पहला पन्ना जॉर्जिया ने चूक की, रूस चूक कर रहा है11 अगस्त, 2008 | पहला पन्ना युद्ध रोकने की कोशिशें नाकाम10 अगस्त, 2008 | पहला पन्ना रूस-जॉर्जिया संघर्ष से जुड़े अहम सवाल09 अगस्त, 2008 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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