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रूस पर युद्धविराम के उल्लंघन का आरोप | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका और फ़्रांस ने रूस पर जॉर्जिया के साथ युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है. दूसरी ओर रुस का कहना है कि फ़्रांस की मदद से तैयार किए गए युद्धविराम समझौते के अनुरुप उसकी सेना जॉर्जिया से हट गई है और जहाँ तक कुछ सौ सैनिकों के बने रहने का सवाल है तो वो समझौते के दायरे में है. ग़ौरतलब है कि जॉर्जिया ने दक्षिणी ओसेतिया में विद्रोहियों के ख़िलाफ़ सैन्य कार्रवाई की थी लेकिन रुस ने इसके जवाब में ओसेतिया में अपने सैनिक भेज दिए. रुसी सेना जॉर्जिया की राजधानी की तिब्लिसी के निकट पहुंच गई थी लेकिन युद्धविराम समझौता होने से रुसी सेना ने कार्रवाई रोक दी. विश्लेषकों का कहना है कि समझौते के कई पहलुओं पर संशय बरकरार है. अमरीका और फ़्रांस का कहना है कि रूसी सेना ने दक्षिण ओसेतिया में कई जगहों पर चौकी बनाई है और बफ़र ज़ोन बना दिए हैं. अमरीकी राष्ट्रपति कार्यालय व्हाइट हाउस के प्रवक्ता गोर्डन जॉनड्रो ने कहा है कि चेकप्वाइंट और बफ़र ज़ोन का ज़िक्र युद्धविराम में कहीं नहीं हैं. फ़्रांसीसी विदेश मंत्रालय का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को एक प्रस्ताव पारित कर स्पष्ट करना चाहिए कि युद्धविराम समझौते के दायरे में क्या शामिल है और क्या नहीं. | इससे जुड़ी ख़बरें रूस ने संयुक्त राष्ट्र का प्रस्ताव ठुकराया20 अगस्त, 2008 | पहला पन्ना नैटो की चेतावनी पर रूस की नाराज़गी19 अगस्त, 2008 | पहला पन्ना रूस ने हस्ताक्षर किए पर तनाव बरकरार17 अगस्त, 2008 | पहला पन्ना 'दुनिया को रूसी कार्रवाई स्वीकार्य नहीं'16 अगस्त, 2008 | पहला पन्ना रूसी सेना तिब्लिसी से बीस मील दूर15 अगस्त, 2008 | पहला पन्ना अमरीकी सेना पहुँचाएगी जॉर्जिया में मदद13 अगस्त, 2008 | पहला पन्ना रूस ने हमले रोकने की घोषणा की12 अगस्त, 2008 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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