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'रूस और चीन की नकारात्मक छवि' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बीबीसी के एक वार्षिक सर्वेक्षण से संकेत मिले हैं कि दुनिया में चीन और रूस की छवि पिछले एक साल में ख़राब हुई हैं. अंतरराष्ट्रीय संगठन ग्लोबस्कैन और मेरीलैंड विश्वविद्यालय के इंटरनेशनल पॉलिसी एटिट्यूड्स कार्यक्रम ने 21 देशों में 13 हज़ार लोगों के बीच ये सर्वेक्षण किया है. पिछले साल नवंबर और इस साल एक फ़रवरी के बीच यह सर्वेक्षण किया गया है. जहाँ तक भारत का सवाल है, सर्वेक्षण में भाग लेने वालों में से 39 प्रतिशत देश की छवि को सकारात्मक और 33 प्रतिशत इसे नकारात्मक मानते हैं. सर्वेक्षण के मुताबिक लोगों में केवल 16 प्रतिशत ने पाकिस्तान की छवि को अच्छा माना है जबकि 56 प्रतिशत ने इसे नकारात्मक बताया है. अमरीका की नीतियों पर नज़र वर्ष 2005 के बाद पहली बार अमरीका की छवि रूस से बेहतर बताई गई है. पिछले साल 36 प्रतिशत लोगों के मुकाबले में इस साल 42 प्रतिशत लोगों ने अमरीका की छवि को सकारात्मक बताया है. जहाँ वर्ष 2008 में 46 प्रतिशत लोग अमरीका की छवि को नकारात्मक मानते थे, वहीं इस साल राष्ट्रपति बराक ओबामा के चुनाव के बाद भी सर्वेक्षण में 42 प्रतिशत लोग अमरीका की छवि को नकारात्मक ही मानते हैं. मेरीलैंड विश्वविद्यालय के इंटरनेशनल पॉलिसी एटिट्यूड्स कार्यक्रम के निदेशक स्टीवन कल के अनुसार, "चाहे बीबीसी सर्वेक्षण ने दिखाया है दुनिया में लोगों को उम्मीद है कि ओबामा दुनिया से अमरीका के रिश्ते सुधारेंगे, पर स्पष्ट है कि ये केवल चुनाव से नहीं होगा. लोग देख रहे हैं कि क्या अमरीकी नीतियों में कोई महत्वपूर्ण बदलाव होता है या नहीं." 'ओलंपिक के बावजूद चिंताएँ' इस सर्वेक्षण के मुताबिक जर्मनी के बारे में लोगों की राय सबसे अच्छी है और 61 प्रतिशत लोग इसकी पुष्टि करते हैं. अच्छी छवि के हिसाब से कनाडा दूसरे नंबर है और ब्रिटेन तीसरे नंबर पर है. उत्तर कोरिया, ईरान और पाकिस्तान निचले स्थानों पर हैं और सर्वेक्षण के मुताबिक दुनिया में इन देशों के बारे में राय अच्छी नहीं है. सर्वेक्षण के मुताबिक चीन की सकारात्मक छवि में छह प्रतिशत की गिरावट आई और वह 39 प्रतिशत पर जा पहुँची. इसके अलावा 41 प्रतिशत का मानना था कि चीन का दुनिया पर प्रभाव अच्छा नहीं है. ग्लोबस्कैन के चेयरमैन डौग मिलर कहते हैं, "हमारे सर्वेक्षण के नतीजों से संकेत मिले हैं कि दुनिया का दिल जीतने के बारे में चीन को अभी भी बहुत कुछ सीखना है. ऐसा भी प्रतीत होता है कि बीजिंग ओलंपिक की सफलता के बावजूद लोगों को चीन के बारे में अन्य चिंताएँ हैं." सर्वेक्षण के मुताबिक रूस के प्रभाव के बारे में भी लोगों में उसकी नकारात्मक छवि मज़बूत हुई है. रूस के प्रभाव को 44 प्रतिशत नकारात्मक और 31 प्रतिशत सकारात्मक मानते हैं. मिलर का कहना है, "रूस जितना पुराने सोवियत संघ की तरह बर्ताव करता है उतना ही उसकी सीमाओं के बाहर उसे कम पसंद किया जाएगा." | इससे जुड़ी ख़बरें बुश प्रशासन की कड़ी आलोचना20 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना बुश सांसदों को समझाने में जुटे18 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना 'पिछले साल 34 हज़ार इराक़ी मारे गए'16 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना बुश अपनी इराक़ नीति पर दृढ़15 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना इराक़ में और सैनिक भेजने की घोषणा 11 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना 'दुनिया में बहुमत यातना के ख़िलाफ़'19 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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