|
बुश प्रशासन की कड़ी आलोचना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी राष्ट्रपति के कार्यालय और डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं के बीच अमरीका की इराक़ और ईरान संबंधी भावी नीति पर तीख़ी बयानबाज़ी हुई है. अमरीका की प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैंसी पेलोसी ने अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के इराक़ में अतिरिक्त सैनिक भेजने की योजना की आलोचना की है. उन्होंने राष्ट्रपति बुश पर सैनिकों की ज़िंदकी के साथ राजनीति खेल खेलने का आरोप लगाया है. उधर राष्ट्रपति बुश के कार्यालय ने इसे एक 'विषैले' आरोप की संज्ञा दी है. सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता हैरी रीड ने राष्ट्रपति बुश को चेतावनी दी कि वे संसद की अनुमति के बिना ईरान के ख़िलाफ़ किसी तरह की सैन्य कार्रवाई न करें. अमरीका ने हाल में ईरान के क़रीब खाड़ी क्षेत्र में दूसरा नौसैनिक बेड़ा तैनात कर दिया है. लेकिन बुश प्रशासन का कहना है कि उसकी ईरान पर हमला करने का कोई योजना नहीं है लेकिन वह इस विकल्प का कभी भी इस्तेमाल न करने का फ़ैसला नहीं कर सकता. हाल में अमरीकी सांसदों के एक गुट ने अमरीकी कांग्रेस में एक विधेयक पेश किया जिसका मकसद राष्ट्रपति जॉर्ज बुश को संसद की स्वीकृति के बिना ईरान पर हमला न करने पर बाध्य करना है. महत्वपूर्ण ये था कि ये विधेयक राष्ट्रपति बुश की रिपब्लिकन पार्टी के एक सदस्य वॉलटर जोन्स ने दस अन्य सांसदों के समर्थन से पेश किया है. इन सांसदों में डेमोक्रैटिक पार्टी के सदस्य भी शामिल थे. | इससे जुड़ी ख़बरें मलिकी का नाराज़गी भरा बयान18 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना बुश सांसदों को समझाने में जुटे18 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना बुश की इराक़ योजना के ख़िलाफ़ प्रस्ताव17 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना इराक़ी शिया नेता का सख़्त बयान17 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना 'पिछले साल 34 हज़ार इराक़ी मारे गए'16 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना बुश अपनी इराक़ नीति पर दृढ़15 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना 'इराक़ को अस्थिर नहीं होने देंगे'11 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना इराक़ में और सैनिक भेजने की घोषणा 11 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||