BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
मित्र को भेजेंकहानी छापें
बुश सांसदों को समझाने में जुटे
जॉर्ज बुश
नई रणनीति के तहत 21 हज़ार अतिरिक्त सैनिक इराक़ भेजे जाने हैं
इराक़ में अतिरिक्त सैनिक भेजने के ख़िलाफ़ एक प्रस्ताव पर रिपब्लिकन पार्टी के सांसदों को समझाने-बुझाने के लिए राष्ट्रपति बुश ने इन सांसदों के एक गुट से मुलाकात की है.

राष्ट्रपति जॉर्ज बुश की इराक़ योजना के तहत लगभग 21 हज़ार अतिरिक्त अमरीकी सैनिकों को इराक़ भेजा जाना है. लेकिन रिपब्लिकन सांसदों समेत अमरीकी सांसदों के एक गुट ने राष्ट्रपति बुश की योजना के ख़िलाफ़ प्रस्ताव लाने का फ़ैसला किया है.

उधर इराक़ के प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने अमरीका से अनुरोध किया है कि वह इराक़ी सुरक्षा बलों को सशस्त्र बनाने के काम में तेज़ी लाए.

'राजनीतिक धक्का'

इस प्रस्ताव को पहले ही दो वरिष्ठ रिपब्लिकन सांसदों का समर्थन हासिल है. इनमें से एक हैं चक हेगल, जो अगली बार रिपब्लिकन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद के प्रत्याशियों में हो सकते हैं और दूसरे हैं सीनेटर ओलिंपिया स्नो.

माना जा रहा है कि इस प्रस्ताव को लगभग सभी डेमोक्रैटिक सांसदों का समर्थन मिल सकता है.

इस पर अगले दो हफ़्तों में किसी समय मतदान होने की संभावना है लेकिन ये बुश प्रशासन के लिए बाध्यकारी नहीं होगा और इसके तहत सैनिकों को दिए जाने वाली आर्थिक मदद को रोकने का प्रावधान नहीं है.

बीबीसी संवाददाता के अनुसार यदि प्रस्ताव को रिपब्लिकन पार्टी से और समर्थन मिलता है तो ये बुश प्रशासन के लिए बड़ा राजनीतिक धक्का होगा.

कुछ महीने पहले हुए चुनावों के बाद बनी नई अमरीकी कांग्रेस यानि संसद में डेमोक्रैटिक पार्टी का बहुमत है और ये इराक़ में और सैनिकों की तैनाती के ख़िलाफ़ एक पहल है.

इन सांसदों का कहना है कि इराक़ में सैनिकों की संख्या बढ़ाना देश के हित में नहीं है और समयबद्ध कार्यक्रम के अनुसार इराक़ की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी इराक़ी सरकार को सौंप देनी चाहिए.

'अमरीका और हथियार दे'

उधर इराक़ के प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने अमरीका के अनुरोध किया है कि वह इराक़ी सुरक्षा बलों को सशस्त्र बनाने के काम में तेज़ी लाए.

उन्होंने एक ब्रितानी अख़बार 'द टाइम्स' को बताया कि इराक़ में यदि अमरीका स्थानीय बलों को और हथियार देने के अपने वादे पर अमल करे तो अमरीकी सैनिकों की ज़रूरत को तीन से छह महीने में घटाया जा सकता है.

उन्होंने कहा कि इराक़ में बहुत सारी लोग इसलिए मारे गए हैं क्योंकि अमरीका ने पर्याप्त हथियार देने से इनकार किया है.

उधर अमरीकी राष्ट्रपति कार्यालय के एक अधिकारी का कहना था कि इराक़ी प्रशासन को मदद बढ़ाई जाएगी.

इससे जुड़ी ख़बरें
बुश अपनी इराक़ नीति पर दृढ़
15 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>