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बुश अपनी इराक़ नीति पर दृढ़ | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी राष्ट्रपति बुश ने घोषणा की है कि अमरीकी कांग्रेस में विरोध के बावजूद वो इराक़ में और सैनिकों को भेजने की अपनी योजना पर अमल करेंगे. एक अमरीकी टीवी को दिए अपने इंटरव्यू में राष्ट्रपति बुश ने कहा कि उनके विरोधी अतिरिक्त 21 हज़ार सैनिक भेजने की योजना को रोकने की कोशिश करेंगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने फ़ैसला कर लिया है और उन्हें ऐसा करने का अधिकार है. दूसरी ओर अमरीकी संसद के दोनों सदनों में विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी का बहुमत है और वह और सैनिकों को भेजने का विरोध कर रही है. डेमोक्रेटिक पार्टी की दलील है कि इससे इराक़ में अमरीकी सैनिक का भागीदारी और बढ़ जाएगी. यहाँ तक कि राष्ट्रपति बुश की रिपब्लिकन पार्टी के कुछ सदस्यों ने भी इसका विरोध किया है. ग़ौरतलब है कि अमरीकी राष्ट्रपति बुश ने इराक़ में और सैनिक भेजने की घोषणा की थी. बुश ने इराक़ के लिए नई रणनीति का खुलासा करते हुए कहा था कि वहाँ से अमरीकी सेना को हटा लेना कतई संभव नहीं है क्योंकि इससे इस्लामी कट्टरपंथी मजबूत होंगे. उनका कहना था, " पहले हम सफल नहीं हुए लेकिन इस बार रणनीति बदल चुकी है. पहले सैन्य अभियान ख़त्म होते ही चरमपंथी दोबारा सक्रिय हो जाते थे, अब ऐसा नहीं होगा.'' बुश ने स्पष्ट किया कि इराक़ में अल क़ायदा अब भी सक्रिय हैं और वहाँ से अमरीकी सेना हटने पर इनकी ताकत बढ़ेगी जिसका सीधा असर अमरीका पर पड़ेगा. | इससे जुड़ी ख़बरें 'कांग्रेस सदस्य अपनी ज़िम्मेदारी निभाएँ'13 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना 'इराक़ को अस्थिर नहीं होने देंगे'11 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना इराक़ में और सैनिक भेजने की घोषणा 11 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना इराक़ में सैनिक बढ़ाने को लेकर चेतावनी07 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना डेमोक्रैटिक पार्टी ने बुश पर दबाव बढ़ाया06 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना सद्दाम की फाँसी के तरीक़े से चिंतित बुश05 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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