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बुश की इराक़ योजना के ख़िलाफ़ प्रस्ताव | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी सांसदों के एक समूह ने, जिसमें एक वरिष्ठ रिपब्लिकन सांसद शामिल हैं, राष्ट्रपति जॉर्ज बुश की इराक़ योजना के ख़िलाफ़ एक प्रस्ताव लाने का फ़ैसला किया है. राष्ट्रपति बुश की योजना है कि इराक़ में सैनिकों की संख्या 20 हज़ार से अधिक बढ़ा दी जाए. हालांकि यह प्रस्ताव पारित हो जाने पर भी बुश प्रशासन के लिए बाध्यकारी नहीं होगा. प्रस्ताव लाने की घोषणा बुश की इराक़ नीति के तीन विरोधी सांसदों ने की है. इसमें डेमोक्रैटिक सांसद जो बिडन और कार्ल लेविन हैं के अलावा रिपब्लिकन सांसद चक हेगल हैं. इन सांसदों का कहना है कि इराक़ में सैनिकों की संख्या बढ़ाना देश के हित में नहीं है और उनका कहना है कि समयबद्ध कार्यक्रम के अनुसार इराक़ की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी इराक़ी सरकार को सौंप देनी चाहिए. इस प्रस्ताव से किसी तरह का संवैधानिक असर तो नहीं पड़ेगा लेकिन यह समान विचारवाले सांसदों को एक साथ आकर बुश की नई इराक़ योजना का विरोध करने का मौक़ा तो मिलेगा. और इसका असर ऐसा भी नहीं होगा जिससे यह आरोप लगाया जा सके कि वे सैनिकों को ख़तरे में डाल रहे हैं. माना जाता है कि संसद में अभी कई डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन सांसद ऐसे हैं जो बुश की नई इराक़ नीति को लेकर अपना मन नहीं बना पाए हैं. हालांकि राष्ट्रपति कार्यालय का कहना है कि राजनीतिज्ञों और आम लोगों के विरोध के बावजूद राष्ट्रपति बुश इराक़ योजना पर पूरा ज़ोर देंगे. | इससे जुड़ी ख़बरें बुश ने फाँसी के तरीके पर आपत्ति जताई17 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना बुश अपनी इराक़ नीति पर दृढ़15 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना 'कांग्रेस सदस्य अपनी ज़िम्मेदारी निभाएँ'13 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना इराक़ में और सैनिक भेजने की घोषणा 11 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना बुश नई इराक़ रणनीति की घोषणा को तैयार10 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना इराक़ में मौत का आँकड़ा रिकॉर्ड स्तर पर02 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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