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फ़्रांस ने दी जी-20 से हटने की धमकी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़्रांस ने धमकी दी है कि अगर वित्तीय नियमन को लेकर उसकी माँगे नहीं मानी जाती तो वो इस हफ़्ते होने वाले जी-20 सम्मेलन में हिस्सा नहीं लेगा. ये बात फ़्रांसीसी वित्त मंत्री ने बीबीसी से बातचीत में कही. जी-20 सम्मेलन दो अप्रैल को लंदन में हो रहा है. वित्त मंत्री ने कार्यक्रम हार्ड टॉक के दौरान कहा कि राष्ट्रपति सार्कोज़ी ऐसे किसी समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे जिसमें उन्हें ये नहीं लगता कि इसे लागू नहीं किया जा सकता. वित्तीय नियमन जी-20 का एक बड़ा मुद्दा है. फ़्रांस की माँग है कि वैश्विक वित्तीय नियामक होना चाहिए जबकि अमरीका और ब्रिटेन इसका विरोध कर रहे हैं. अगर फ़्रांस सम्मेलन में हिस्सा नहीं लेता है तो ये अमरीकी राष्ट्रपति ओबामा और ब्रितानी प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन के लिए बड़ा झटका होगा. दोनों देशों के नेताओं ने कहा है कि विश्व की आर्थिक स्थिति सुधारने की दिशा में उन्हें जी-20 से काफ़ी उम्मीदे हैं. गॉर्डन ब्राउन ने कहा है," लंदन में नेताओं को मिलकर वैश्विक अर्थव्यवस्था में भरोसे रूपी ऑक्सिज़न भरनी होगी और लोगों को भविष्य के लिए उम्मीद की किरण दिखानी होगी." वित्तीय नियमन के अलावा दूसरे पहलुओं को लेकर भी विश्व के बड़े नेताओं के बीच मतभेद उभरने लगे हैं. यूरीपय देश चाहते हैं कि इस साल और अगले साल किसी भी बड़े खर्च की घोषणा न की जाए. बराक ओबामा भी सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए लंदन आ रहे हैं. राष्ट्रपति बनने के बाद ये उनकी पहली यूरोपीय यात्रा है. | इससे जुड़ी ख़बरें जनरल मोटर्स के सीईओ हटाए गए30 मार्च, 2009 | पहला पन्ना जी-20 प्रदर्शनकारियों से बाइडन की अपील28 मार्च, 2009 | कारोबार जी-20 से पहले लंदन में विरोध प्रदर्शन28 मार्च, 2009 | पहला पन्ना 'आर्थिक सहायता नहीं तो संकट के बादल'17 मार्च, 2009 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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