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जी-20 से पहले लंदन में विरोध प्रदर्शन | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
विश्व आर्थिक संकट पर धनी और विकासशील देशों के संगठन जी-20 के अगले सप्ताह होने वाले सम्मेलन से पहले लंदन में शनिवार को हज़ारों लोग विरोध मार्च में हिस्सा लेने के लिए पहुँच रहे हैं. स्थानीय पुलिस प्रदर्शनकारियों की संख्या 40 हज़ार तक जाने का अनुमान लगा रही है. आयोजकों ने इसे नौकरी, न्याय, और जलवायु के लिए शांतिपूर्ण मार्च बताया है. उन्होंने पुलिस की उस आशंका से भी इनकार किया है कि मार्च हिंसक हो सकता है. दुनिया भर की बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देशों के नेता अगले सप्ताह लंदन में जुट रहे हैं. सम्मेलन में वित्तीय और आर्थिक संकट से निपटने के लिए एक साझा मंच बनाने का प्रयास किया जाएगा. कड़ी सुरक्षा इस विरोध मार्च के दौरान जी-20 नेताओं से एक नए तरह के वैश्विक न्याय का आह्वान किया जाएगा. लंदन में शनिवार को प्रस्तावित विरोध मार्च, ब्रिटेन में इस पूरे सप्ताह होने वाले प्रदर्शनों का हिस्सा है. ऐसे प्रदर्शनों और प्रमुख नेताओं की मौजूदग़ी को देखते हुए जी-20 सम्मेलन से पहले ब्रिटेन में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं. ब्रितानी प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन का कहना है कि समस्याओं से निपटने के लिए उन्हें सम्मेलन में कोई सहमति बनने की आशा है. वैसे कई अन्य नेताओं को ऐसा नहीं लगता. शनिवार के फ़ाइनेंशियल टाइम्स को दिए एक साक्षात्कार में जर्मन चांसलर एंगेला मर्केल ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि सम्मेलन में किसी बड़े नतीजे पर पहुँचा जा सकेगा. उन्होंने कहा कि विश्व आर्थिक संकट से निपटने और वैश्विक बाज़ार के लिए एक नया ढाँचा बनाने के लिए एक बैठक पर्याप्त नहीं होगी. सम्मलेन से पहले इस बात का भय है कि बैंक और अन्य वित्तीय संस्थान, हिंसक प्रदर्शनों का शिकार हो सकते हैं. |
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