BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
मंगलवार, 17 मार्च, 2009 को 08:15 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
'आर्थिक सहायता नहीं तो संकट के बादल'

गॉर्डन ब्राउन
आर्थिक मंदी का असर अफ़्रीकी देशों पर अब दिखने लगा है
अफ़्रीकी देश के नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि दुनिया में छाई आर्थिक मंदी से उबरने में उनकी मदद नहीं की गई तो अफ़्रीकी महादेश के कई देश फिर से संघर्ष की चपेट में आ जाएँगे.

विकासशील और धनी देशों के समूह, जी20 की अगले महीने होने वाली बैठक से पहले लंदन में जमा हुए अफ़्रीकी देश के नेताओं ने यह चेतावनी दी है.

आर्थिक मंदी का असर अफ़्रीकी देशों पर किस कदर पड़ा है यह अब स्पष्ट दिखने लगा है.

लंदन में बैठक के दौरान अफ़्रीकी विकास बैंक के प्रमुख डोनाल्ड काबेरुका ने वर्तमान स्थिति को 'आपातकाल' कहा.

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने अफ़्रीकी देशों की पीड़ा सुनी कि किस तरह से ज़ांबिया के खनन क्षेत्र में पाँच लाख लोग नौकरी से हाथ धो बैठे हैं और कॉटन की क़ीमत आधी हो जाने की वजह से तनज़ानिया में किसान बेरोज़गार हो रहे हैं.

पर्यटकों की संख्या में आई कमी और विदेशों से काम करने वाले अफ़्रीकियों के भेजे गए धन में कटौती की वजह से अफ़्रीकी देशों को मिलने वाली विदेशी मुद्रा में भी कमी आई है.

'स्थिरता को ख़तरा'

इथियोपिया के प्रधानमंत्री मिलेस ज़ेनावी ने अपील की कि अफ़्रीका में निवेश धनी देशों के हित में है.

उन्होंने कहा, "मंदी से उबरने के लिए यदि एक डॉलर अफ़्रीका में खर्च किया जाता है तो उसका असर अमरीका या ब्रिटेन में किए गए उतने ही खर्च से कहीं ज़्यादा होगा."

 मंदी से उबरने के लिए यदि एक डॉलर अफ़्रीका में खर्च किया जाता है तो उसका असर अमरीका या ब्रिटेन में किए गए उतने ही खर्च से कहीं ज़्यादा होगा
इथोपिया के प्रधानमंत्री, मिलेस ज़ेनावी

उल्लेखनीय है कि इथोपिया हाल ही में संघर्ष से बाहर आया है और मंदी की वजह से फिर से उसे हिंसा की चपेट में जाने का ख़तरा है.

लाइबेरिया के राष्ट्रपति एलेन जॉनसन-सरलिफ़ ने कहा कि उनके देश की स्थिरता को भी ख़तरा है.

उनका कहना था कि धनी देश बाद में ग़रीब देशों में शांति बहाल करने के लिए जितना धन खर्च करेंगे, ग़रीब देशों को सहायता पहुँचाने में उन्हें अभी उससे कम ही खर्च करना पड़ेगा.

हालांकि बैठक में स्पष्ट नहीं हो पाया कि अफ़्रीका को कितना धन चाहिए लेकिन काबेरुका का कहना था कि मंदी का प्रभाव 'जितना पहले सोचा गया था उससे कहीं ज़्यादा पड़ा है.'

इससे जुड़ी ख़बरें
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>