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जनरल मोटर्स के सीईओ हटाए गए | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने आर्थिक संकट का सामना कर रही जनरल मोटर्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिक वैगनर को तुरंत पद से हट जाने का आदेश दिया है. व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा है कि रिक वैगनर को तुरंत पद से हट जाने को कहा गया है. 56 वर्षीय रिक वैगनर वर्ष 2000 से जनरल मोटर्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रहे हैं. उन्होंने कपंनी में वर्ष 1977 में काम करना शुरू किया था. जनरल मोटर्स के अध्यक्ष फ्रिट्ज़ हैंडरसन को रिक वैगनर के स्थान पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनाया गया है. यह समाचार ऐसे समय आया है जब फ्रांस की कार बनाने वाली एक बड़ी कंपनी पीडो सिट्रों ने चैयरमैन क्रिश्चियन स्ट्रीफ़ को नौकरी से हटा दिया है और इसके लिए कार उद्योग में असाधारण कठिनाइयों को बताया गया है. राष्ट्रपति बराक ओबामा जनरल मोटर्स और उसकी सहयोगी कंपनी क्राइसलर को सरकारी सहायता देने की शर्तों का ख़ाका खींचने की तैयारी कर रहे हैं. इन दोनों कार कंपनियों को आर्थिक संकट से उबारने के प्रयासों के तहत पहले ही 17 अरब 40 करोड़ डॉलर की सरकारी सहायता मिल चुकी है. क्राइसलर कंपनी ने और पाँच अरब डॉलर की राशि की माँग की है जबकि जनरल मोटर्स का कहना है कि उस मुश्किल से उबरने के लिए लगभग 16 अरब 70 करोड़ डॉलर की ज़रूरत है. इस तरह की ख़बरें मिल रही हैं कि हताश हो चुके राष्ट्रपति बराक ओबामा जनरल मोटर्स और क्राइसलर कंपनियों की इन बजट योजनाओं को यथार्थ से परे कहते हुए ख़ारिज करने जा रहे हैं और अगर ऐसा होता है तो ये दोनों कंपनियाँ दीवाला निकलने के कगार पर पहुँच जाएंगी. राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कार कंपनियों की हालत जानने के लिए जिस कार्यबल का गठन किया था उसने सोमवार को इन दोनों कार कंपनियों की वित्तीय हालत पर रिपोर्ट जारी की थी और उसमें कहा गया था कि क्राइसलर को इसके मौजूदा स्वरूप में बचाना मुश्किल होगा. रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि क्राइसलर को बचाना है तो इसे इटली की फ़िएट कार कंपनी या फिर किसी और कंपनी में मिला दिया जाना चाहिए. रिपोर्ट कहती है कि ओबामा प्रशासन क्राइसलर कंपनी को सिर्फ़ अगले तीस दिन तक चलाने के लायक धनराशि मुहैया कराएगा. रिपोर्ट के अनुसार ओबामा प्रशासन जनरल मोटर्स का कामकाज अगले 60 दिन तक चलाने के लिए धनराशि मुहैया कराने की बात कही गई है. इसका मतलब है कि जनरल मोटर्स को भी अपने ढाँचे में बड़ा फेरबदल करना होगा और उसके लिए एक नई योजना पेश करनी होगी. कार्यबल ने कहा है, "क्राइसलर और जनरल मोटर्स दोनों ही भिन्न कंपनियाँ हैं जिनके भविष्य के रास्ते भी अलग हैं. दोनों ही कंपनियों की ऐसी देनदारियाँ हैं जिनकी भरपाई नहीं हो सकती और दोनों ही कंपनियों के बिल्कुल नए सिरे से शुरूआत करनी होगी." कार्यबल की रिपोर्ट के अनुसार, "इन कंपनियों को बचाने के एक तरीका ये हो सकता है कि इनके लिए बहुत त्वरित गति से और बड़े पैमाने पर दीवालिए-पन का रास्ता अपनाया जाए."
राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अमरीकी टेलीविज़न चैनल सीबीएस के साथ एक इंटरव्यू में कहा है कि इन कंपनियों को और अधिक सहायता पानी है तो उसकी पूरी तस्वीर साफ़ करनी होगी और अभी ये कंपनियाँ उस मुक़ाम पर नहीं पहुँची हैं. बराक ओबामा ने कहा, "हम समझते हैं कि हम अपने देश में एक सफल कार उद्योग चला सकते हैं लेकिन यह ऐसा उद्योग होगा जो इस आर्थिक तूफ़ान का सामना करके इस रूप में उभर सके जो ज़्यादा सार्थक और प्रतिस्पर्धी हो." जनरल मोटर्स ने 47 हज़ार और क्राइसलर ने तीन हज़ार नौकरियाँ समाप्त करने की योजना बनाई हुई है, साथ ही अनेक कार मॉडल बंद किए जाएंगे. ये नौकरियाँ वर्ष 2009 के अंत तक समाप्त करने की योजना है और मौजूदा आर्थिक मंदी के दौर में यह पहली कंपनी होगी जो इतनी बड़ी नौकरियाँ समाप्त करेगी. अभी तक किसी और अमरीकी कंपनी ने इतनी बड़ी संख्या में नौकरियाँ समाप्त करने की घोषणा नहीं की है. कारख़ाने बंद जनरल मोटर्स ने दिसंबर 2008 में कहा था कि वह अपने कारख़ानों की संख्या 47 से घटाकर वर्ष 2012 तक 38 करने की योजना है. लेकिन अब पाँच और कारख़ाने बंद करने की योजना है जिसके बाद घटकर 33 रह जाएंगे. इतना ही नहीं, कारों के मॉडल भी घटाए जाएंगे और ये आठ से कम हो कर चार रह जाएंगे. जनरल मोटर्स और क्राइसलर को वर्ष 2008 के अंत में सरकारी सहायता राशि मिली थी क्योंकि ऐसे हालात पैदा हो गए थे कि अगर सरकारी सहायता नहीं मिली तो ये दोनों कंपनियाँ डूब जाएंगी. अमरीका की तीसरी सबसे बड़ी कार बनाने वाली कंपनी फ़ोर्ड को अभी कोई सहायता नहीं मिली है लेकिन उसने भी कहा है कि भविष्य में उसे भी सरकारी सहायता की ज़रूरत पड़ सकती है. अमरीका के कार बाज़ार में जनरल मोटर्स, क्राइसलर और फ़ोर्ड तीनों ही कंपनियों की बिक्री में भारी गिरावट आई है. | इससे जुड़ी ख़बरें अर्थव्यवस्था पर धैर्य रखने की अपील25 मार्च, 2009 | पहला पन्ना एआईजी:अधिकारी बोनस लौटाने को तैयार24 मार्च, 2009 | कारोबार यूरोपीय संघ और पैकेज के ख़िलाफ़20 मार्च, 2009 | कारोबार अर्थव्यवस्था के लिए 10 खरब डॉलर18 मार्च, 2009 | कारोबार बोनस बाँटने पर बिफरे ओबामा17 मार्च, 2009 | पहला पन्ना 'मंदी का दौर जल्द समाप्त होगा'16 मार्च, 2009 | कारोबार 'मंदी से निपटने के लिए हर संभव प्रयास'14 मार्च, 2009 | कारोबार वैश्विक अर्थव्यवस्था पर संकट गहराया09 मार्च, 2009 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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