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नहीं बदला अमरीकी नज़रिया: ख़ामनेई | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्ला ख़ामनेई ने कहा है कि उन्हें नहीं लगता कि ईरान के प्रति अमरीकी नीति में वास्तव में कोई बदलाव आया है. ईरान के साथ 'संबंधों की नई शुरुआत' के अमरीकी राष्ट्रपति के ताज़ा प्रस्ताव पर ख़ामनेई ने कहा कि ईरान अपना रुख़ तभी बदलेगा जब अमरीका उनके देश के प्रति अपने नज़रिए में बदलाव लाएगा. अमरीकी राष्ट्रपति बराक़ ओबामा ने गुरुवार को एक वीडियो संदेश में कहा था कि ईरान के साथ अमरीका संबंधों की 'नई शुरुआत' करना चाहता है. ईरान के परमाणु कार्यक्रमों के जारी रखने की वजह से अमरीका और ईरान के रिश्तों में कटुता है. अमरीका कहता आया है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रमों की आड़ में परमाणु हथियार बनाना चाहता है जबकि ईरान इससे इनकार करता है. ईरानी टेलीविज़न पर प्रसारित ख़ामनेई के भाषण में कहा गया है कि सिर्फ़ बातों से ही काम नहीं चलेगा. भाषण में ख़ामनेई ने कहा, "अमरीका की नई सरकार और राष्ट्रपति के साथ हमारा कोई अनुभव नहीं है. हम उन्हें देखेंगे और परखेंगे." ओबामा का ये संदेश जॉर्ज बुश के शासनकाल से नाटकीय तौर पर अलग है. बुश प्रशासन ईरान को 'दुष्टता की धुरी' मानता था. इस साल की शुरुआत में ओबामा ने कहा था कि वो ईरान से संबंधों को बेहतर करना चाहता है हालांकि ओबामा ने ये बात स्वीकार की है कि अतीत की कटुता को भुलाना आसान नहीं होगा. | इससे जुड़ी ख़बरें ईरानः परमाणु अस्त्रों वाला यूरेनियम नहीं10 मार्च, 2009 | पहला पन्ना ईरान को लेकर अमरीका फिर चिंतित21 फ़रवरी, 2009 | पहला पन्ना ओबामा भी पुराने अमरीकी ढर्रे परः ईरान08 नवंबर, 2008 | पहला पन्ना ईरान ने अमरीका को बधाई दी06 नवंबर, 2008 | पहला पन्ना 'ईरान पर और प्रतिबंध लगाने की सहमति'06 अगस्त, 2008 | पहला पन्ना 'जल्दी संभल जाए ईरान, वही बेहतर'25 जुलाई, 2008 | पहला पन्ना 'ईरान सहयोग या टकराव का रास्ता चुने'20 जुलाई, 2008 | पहला पन्ना ईरान से वार्ता में अमरीका शामिल होगा16 जुलाई, 2008 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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