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इसराइल की ओर से एकतरफ़ा युद्धविराम | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइली प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट ने गज़ा में पिछले तीन हफ़्तों से हमास चरमपंथियों के ख़िलाफ़ चल रहे हमलों को रोकने की एकतरफ़ा घोषणा की है. यह युद्धविराम स्थानीय समय के अनुसार शनिवार की रात दो बजे से लागू हो गया है. लेकिन इसराइली प्रधानमंत्री कहा है कि इसराइल फ़िलहाल गज़ा में अपनी उपस्थिति बनाए रखेगा और यदि हमास ने फिर हमला किया तो इसराइल फिर से कार्रवाई शुरु कर देगा. हमास ने कहा है कि उसे गज़ा में एक भी सैनिक मंज़ूर नहीं है. हमास पहले कई बार कह चुका है कि जब तक उसकी मांगें नहीं मानी जाती, वह ऐसे समझौते पर ध्यान नहीं देगा. ग़ज़ा पट्टी में तीन सप्ताह पहले सैनिक कार्रवाई शुरू हुई थी और इस बीच एक हज़ार से अधिक लोग मारे गए हैं और पाँच हज़ार से अधिक लोग घायल हुए हैं. एकतरफ़ा युद्धविराम एहुद ओल्मर्ट की घोषणा इसराइली मंत्रिमंडल के फ़ैसले के बाद हुई है जिसमें युद्धविराम का समर्थन किया गया था. टेलीविज़न पर युद्धविराम की घोषणा करते हुए ओल्मर्ट ने कहा, "सैन्य शक्ति के रुप में या ढाँचागत ताक़त के हिसाब से हमास को नुक़सान पहुँचाने के बाद इसराइल का लक्ष्य हासिल हो गया है." हमास चरमपंथी बरसों से गज़ा से इसराइल पर रॉकेट दागते रहे हैं. ओल्मर्ट ने कहा है, "इसराइल गज़ा के नागरिकों से घृणा नहीं करता, वह उनको नुक़सान नहीं पहुँचाना चाहता था." उनका कहना था कि संघर्ष विराम हमास पर निर्भर करता है यदि वो फिर से रॉकेट दागेगा तो इसराइली सेना फिर से कार्रवाई शुरु कर देगी. राहत संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने कहा है कि गज़ा में इसराइल के एकतरफ़ा युद्धविराम से वे राहत महसूस कर रहे हैं.
बेरूत से बान की मून ने कहा है कि यह स्थाई युद्धविराम की ओर पहला क़दम है और इसके बाद गज़ा से यथाशीघ्र इसराइली सैनिकों की वापसी का रास्ता बनेगा. उनका कहना था कि अब हमास को भी हमले बंद कर देने चाहिए. संयुक्त राष्ट्र महासचिव का कहना था कि अब वहाँ मानवीय सहायता पहुँचाना प्राथमिकता है. दूसरी ओर ब्रिटेन, फ़्रांस और जर्मनी गज़ा में हथियारों की तस्करी को रोकने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में सहयोग करने जा रहे हैं. यह इसराइल की प्रमुख चिंता है और शुक्रवार को इस संबंध में इसराइल और अमरीका के बीच एक समझौता भी हुआ था. कार्रवाई संघर्षविराम पर विचार-विमर्श के बीच इसराइल ने ग़ज़ा पर कार्रवाई जारी रखी हुई थी. शनिवार को इसराइल ने ग़ज़ा पर 50 से ज़्यादा हवाई हमले किए. दूसरी ओर हमास की ओर से इसराइल पर रॉकेट हमले भी जारी हैं. 27 दिसंबर से शुरू हुई कार्रवाई में अभी तक क़रीब 1200 फ़लस्तीनी मारे जा चुके हैं. सैनिक कार्रवाई के दौरान 13 इसराइली भी मारे गए हैं, जिनमें 10 सैनिक हैं. इस बीच संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र के एक स्कूल पर इसराइली टैंक के हमले में दो बच्चों की मौत हो गई है. जिनकी उम्र पाँच और सात साल की है. ग़ज़ा में संयुक्त राष्ट्र राहत एजेंसी के प्रमुख जॉन गिंग ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया है. | इससे जुड़ी ख़बरें इसराइल में युद्धविराम पर वोट17 जनवरी, 2009 | पहला पन्ना गज़ा पर अमरीका-इसराइल में समझौता16 जनवरी, 2009 | पहला पन्ना ग़ज़ा में भीषण संघर्ष, बातचीत जारी15 जनवरी, 2009 | पहला पन्ना ग़ज़ा: युद्धविराम पर ठोस प्रगति नहीं15 जनवरी, 2009 | पहला पन्ना मृतकों की संख्या एक हज़ार से ज़्यादा14 जनवरी, 2009 | पहला पन्ना बस अब रुक जाओः बान की मून14 जनवरी, 2009 | पहला पन्ना इसराइली कार्रवाई के बीच मून की अपील13 जनवरी, 2009 | पहला पन्ना मध्य पूर्व पर तुरंत सक्रिय होंगे ओबामा11 जनवरी, 2009 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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