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ज़िम्बाब्वे में हुआ ऐतिहासिक समझौता | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ज़िम्बाब्वे के राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे ने लंबे समय से प्रतिद्वंद्वी रहे विपक्षी नेता मार्गन चांगिरई के साथ सत्ता में हिस्सेदारी के ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किया है. राजधानी हरारे में एक कार्यक्रम के दौरान अफ़्रीकी देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में समझौते पर हस्ताक्षर हुए. मार्गन चांगिरई ने कहा है कि समझौते के कारण ज़िम्बाब्वे के लिए उम्मीद जगी है. उन्होंने राष्ट्रपति मुगाबे से अपील की कि समझौते को लागू करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए. समझौते पर राष्ट्रपति मुगाबे, विपक्षी एमडीसी के नेता मॉर्गन चांगिरई और एमडीसी से अलग हुए गुट के नेता ऑर्थर मुतम्बारा ने दस्तख़त किए. समझौते के मुताबिक़ चांगिरई को देश का प्रधानमंत्री बनाया गया है. जबकि मुतम्बारा को उप प्रधानमंत्री का पद दिया गया है. समझौते के बाद वहाँ मौजूद क़रीब तीन हज़ार लोगों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुगाबे ने कहा, "पहले भी उपनिवेशवाद के ख़िलाफ़ आगे रहने वाले देशों ने ज़िम्बाब्वे को आज़ादी दिलाने में मदद की थी और एक बार फिर इन देशों ने ज़िम्बाब्वे को संकट से निकालने में मदद की है. संकट, जो उपनिवेशवादी शक्ति ब्रिटेन ने खड़ी की है और वह ज़िम्बाब्वे के आंतरिक मामलों में दखल देने की कोशिश कर रहा है." रास्ता उन्होंने कहा कि समझौते में कई ऐसी बातें थी, जो किसी भी नेता को पसंद नहीं थी और अब वे इसका रास्ता निकालने के लिए मिल कर काम करेंगे. उन्होंने कहा कि जब तक सिद्धांतरूप से सहमति बनी रहेगी भविष्य में और समझौते की गुंजाइश भी रहेगी. दूसरी ओर मॉर्गन चांगिरई ने कहा कि इसके लिए कई पीड़ादायक समझौते करने पड़े. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस समझौते से तुरंत ही देश की समस्या का समाधान नहीं होगा. चांगिरई ने कहा, "मैंने इस समझौते पर इसलिए दस्तख़त किया है क्योंकि मैं मानता हूँ कि यह एक समृद्ध, शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक ज़िम्बाब्वे के निर्माण के लिए सबसे अच्छा मौक़ा दे रहा है." उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और पड़ोसी अफ़्रीकी देशों से अपील की कि वे ज़िम्बाब्वे के पुनर्निर्माण में मदद करें ख़ासकर स्वास्थ्य, शिक्षा और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में.
उप प्रधानमंत्री बनाए गए मुतम्बारा ने कहा कि यह समझौता ज़िम्बाब्वे की जीत है. हरारे से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस समझौते पर ज़िम्बाब्वे के लोगों में उल्लास कम राहत ज़्यादा है. समझौते का पूरे विवरण के बारे में पुष्टि नहीं हो पाई है. लेकिन समझौते के मुताबिक़ रॉबर्ट मुगाबे देश के प्रमुख और कैबिनेट के प्रमुख बने रहेंगे. मार्गन चांगिरई मंत्रिपरिषद का नेतृत्व करेंगे. मंत्रिपरिषद के ज़िम्मे देश के दिन-प्रतिदिन का मामला होगा. माना जा रहा है कि चांगिरई की एमडीसी पार्टी और एमडीसी से अलग हुए गुट के 16 मंत्री होंगे. उम्मीद है कि राष्ट्रपति मुगाबे की ज़ानू-पीएफ़ पार्टी के 15 मंत्री होंगे. मुगाबे और चांगिरई के बीच समझौते के लिए बातचीत जुलाई के आख़िरी सप्ताह में शुरू हुई थी और इस समझौते के लिए मध्यस्थता कर रहे थे दक्षिण अफ़्रीका के राष्ट्रपति थाबो एम्बेकी. |
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