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शनिवार, 12 जुलाई, 2008 को 01:32 GMT तक के समाचार
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मुगाबे पर प्रतिबंध का प्रस्ताव वीटो
रॉबर्ट मुगाबे
ज़िम्बाब्वे में हिंसा को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय चिंता जताता रहा है
ज़िम्बाब्वे के राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे और उनके कुछ सहयोगियों के ख़िलाफ़ प्रतिबंध के प्रस्ताव को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में वीटो कर दिया गया है.

इसमें मुगाबे और उनके 13 अधिकारियों के बैंक खाते सील करने और उनकी विदेश यात्राओं पर रोक लगाने का प्रस्ताव था लेकिन चीन और रूस दोनों ने इसे ख़ारिज कर दिया.

ज़िम्बाब्वे में रॉबर्ट मुगाबे के फिर से राष्ट्रपति चुने जाने के बाद से अंतरराष्ट्रीय समुदाय में इसकी बहुत निंदा की जा रही है. दोबारा हुए इन चुनावों का विपक्षी दलों ने बहिष्कार किया था.

चीन और रूस का कहना था कि ज़िम्बाब्वे पर प्रतिबंध का प्रस्ताव पारित करके अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाने की कोशिश कर रहा है क्योंकि ज़िम्बाब्वे से अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को कोई ख़तरा नहीं है.

अमरीका और ब्रिटेन ने प्रस्ताव के वीटो किए जाने पर निराशा जताई है.

ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड मिलबैंड ने वीटो करने के फ़ैसले को दृष्टिकोण में व्यापकता की कमी बताया है.

उनका कहना था कि रूस के राष्ट्रपति दमित्रि मेदवेदेव ने प्रस्ताव के समर्थन का आश्वासन दिया था लेकिन इसके बाद भी प्रस्ताव वीटो कर दिया गया.

उधर संयुक्त राष्ट्र में अमरीका के राजदूत ज़ालमें ख़लीलज़ाद ने कहा है कि प्रस्ताव को वीटो करने का रूस का फ़ैसला 'जी-8 के एक साझेदार की तरह उनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है'.

संयुक्त राष्ट्र में बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ प्रस्ताव पारित करने में विफलता अमरीका और ब्रिटेन को एक बड़ा झटका है.

सुरक्षा परिषद में इस प्रस्ताव के पक्ष में नौ सदस्य थे जबकि चीन और रूस सहित पाँच देशों ने इसके ख़िलाफ़ मत दिया, जबकि इंडोनेशिया इस प्रक्रिया से बाहर रहा.

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