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चीन में आई बाढ़ से लाखों बेघर | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चीन की सरकारी एंजेसी के मुताबिक दक्षिणी प्रांतों में मूसलाधार बारिश के कारण आई बाढ़ से कम से कम 55 लोग मारे गए हैं और दस लाख से भी ज़्यादा लोग बेघर हो गए हैं. चीन के करीब़ नौ प्रांत बुरी तरह प्रभावित हुए हैं और सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. चीन में नागरिक अधिकारों के मंत्रालय ने कहा है कि सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाक़ों से 13 लाख लोग अपने घर छोड़कर भाग चुके हैं. मौसम के जानकारों का कहना है कि आने वाले 10 दिनों तक मौसम में सुधार की संभावना नहीं दिखती. भीषण तबाही बाढ़ में हज़ारों मकानों के साथ-साथ कई सड़कें बह गई हैं. इस बाढ़ में खेतिहर ज़मीन का बड़ा भाग डूब गयाए है. गुआंगडोंग प्रांत में भूस्खलन के कारण कम से कम 20 राजमार्ग बंद हो गए हैं. जियांगशी प्रांतों में हज़ारों घरों को काफ़ी नुकसान पहुँचा है. इस बाढ़ में जो इलाक़े बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं उनमें से एक सिचुआन प्रांत भी है जहाँ पिछले महीने आए भूकंप से भारी तबाही हुई थी. बारह मई को चीन में आए भूकंप में क़रीब 87 हज़ार लोगों की या तो मौत हो गई है या वे लापता हैं. शिन्हुआ के अनुसार पर्ल नदी में आई यह बाढ़ पिछले 50 वर्षों में सबसे भीषण है. बारिश के महीनों में हर वर्ष चीन में जान-माल की काफ़ी क्षति होती है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'मृतक संख्या साठ हज़ार से ज़्यादा'24 मई, 2008 | पहला पन्ना 'क़िस्मत में यही लिखा है...'06 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस चीन में तीन दिनों के शोक की घोषणा18 मई, 2008 | पहला पन्ना 'बाढ़ प्रभावित इलाक़ों में खाद्यान्न संकट'18 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस प्राकृतिक आपदाओं से नहीं निपट पातीं सरकारें 10 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस असम में बाढ़ से लाखों लोग विस्थापित10 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस आंध्र प्रदेश में बाढ़ का क़हर30 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में तूफ़ान से सैकड़ों मारे गए16 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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