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'बाढ़ प्रभावित इलाक़ों में खाद्यान्न संकट' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि मानसून की बारिश के कारण दक्षिण एशिया के जिन देशों में बाढ़ आई है, वहाँ अब खाद्यान्न की कमी का ख़तरा पैदा हो गया है. संयुक्त राष्ट्र खाद्यान्न और कृषि संगठन ने कहा है कि इन देशों में बड़ी संख्या में पशु भी मारे गए हैं और हज़ारों हेक्टेयर कृषि भूमि भी बर्बाद हो गई है. संगठन का कहना है कि वह इस स्थिति से भी चिंतित है. भारत में बाढ़ से सबसे ज़्यादा प्रभावित तीन राज्य बिहार, उत्तर प्रदेश और असम में चावल की पैदावार सबसे ज़्यादा होती है और इन राज्यों में बाढ़ के कारण स्थिति गंभीर हुई है. दूसरी ओर भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में भी स्थिति गंभीर है. स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि देश में 60 हज़ार से ज़्यादा लोग ख़राब खाने और दूषित पानी पीने से बीमार पड़ गए हैं. नेपाल में सबसे ज़्यादा प्रभावित हुआ है देश का दक्षिणी इलाक़ा. अंतरराष्ट्रीय सहायता एजेंसियाँ इन इलाक़ों में पहुँचने की कोशिश कर रही हैं. माना जा रहा है कि दशकों बाद दक्षिण एशिया के ये देश बाढ़ से इतने ज़्यादा प्रभावित हुए हैं. स्थिति गंभीर बाढ़ प्रभावित इलाक़ों में खाद्यान्न की समस्या के बारे में संयुक्त राष्ट्र खाद्य और कृषि संगठन ने कहा है कि हज़ारों हेक्टेयर कृषि भूमि में पानी भरा हुआ है और इससे गंभीर समस्या पैदा हो गई है.
संगठन ने कहा, "खेतों में फ़िलहाल काफ़ी पानी भरा हुआ है. एक बार जब पानी कम होगा, उस समय फ़सल लगाने का समय निकल जाएगा. भारत और बांग्लादेश में धान की रोपाई जुलाई में होती है जबकि नेपाल में रोपाई अगस्त में होती है." संयुक्त राष्ट्र खाद्य और कृषि संगठन के अलावा संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ़) ने भी बाढ़ प्रभावित इलाक़ों की स्थिति पर चिंता जताई है. यूनिसेफ़ का कहना है कि बाढ़ के कारण लाखों बच्चे और महिलाएँ खाने की कमी से जूझ रहे हैं. इन इलाक़ों में बच्चों और महिलाओं में बीमारी फैलने और कुपोषण का ख़तरा बढ़ गया है. | इससे जुड़ी ख़बरें बारिश के कारण स्थिति हुई बदतर17 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस उत्तराखंड में बारिश का क़हर जारी16 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस चट्टान खिसकने से भारी तबाही15 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में बाढ़ का ख़तरा09 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस 'बाढ़ पीड़ितों में महामारी का खतरा'07 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस सोनिया ने असम-बिहार का दौरा किया07 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस 'क़िस्मत में यही लिखा है...'06 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस राहत सामग्री पहुँचाने में दिक्कत06 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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