|
बर्मा: राहत के लिए 50 देशों की बैठक | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बर्मा में नर्गिस तूफ़ान से हुई भारी तबाही से उबरने के लिए सैन्य शासन ने दानदाताओं के लिए रास्ता खोल दिया है. रविवार को दानदाताओं की रंगून में बैठक हो रही है. इस बैठक में क़रीब 50 देश और कई स्वयंसेवी संस्थाएँ शामिल हो रही हैं. ये बैठक संयुक्त राष्ट्र और आसियान देशों की कोशिशों से बुलाई गई है. तूफ़ान को आए लगभग एक महीना हो चुका है लेकिन अब तक इससे प्रभावित ढाई करोड़ लोगों में से कई लोगों तक राहत नहीं पहुँच सकी है. पहले विदेशी राहतकर्मियों को देश में आने से रोकते आ रहे बर्मा के सैन्य शासन ने स्वीकार लिया है कि तूफ़ान से हुई तबाही से उबरने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बड़ी सहायता की ज़रूरत है. अरबों डॉलर की मांग नरगिस तूफ़ान से बर्मा में 78 हज़ार लोग मारे गए हैं और 56 हज़ार अब भी लापता हैं. ऐसा माना जा रहा है कि इस बैठक में बर्मा की सैनिक सरकार तकरीबन 11 अरब डॉलर की राहत मांग रख सकती है.
इससे पहले वहाँ की सैनिक सरकार लगातार ये कह रही थी कि वो किसी की सहायता नहीं लेगी और राहत कार्य को खुद अपनी ही देख-रेख में अंजाम देगी. लेकिन बर्मा के सैनिक शासक जनरल थान श्वे और संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून के बीच शुक्रवार को हुई सफल बैठक के बाद ये मुमकिन हो सका है. सैनिक सरकार ने तूफ़ान से सबसे अधिक प्रभावित रंगून के इरावदी इलाक़े में विदेशी राहत कर्मियों को जाने की भी इजाज़त दे दी थी. राहत को लेकर संशय खबर ये भी है कि दानकर्ता देश बर्मा की और अधिक राहत सामग्री से सहायता करना चाहते हैं. लेकिन वो इस बात का पूरा आश्वासन चाहते हैं कि ये राहत सामग्री प्रभावित लोगों तक पहुँचे. संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून थाइलैंड से वापस रंगून जा चुके हैं. मून ने बैंकाक एयरपोर्ट पर एक नया सहायता अड्डा शुरू करवाया है ताकि तूफ़ान प्रभावित लोगों तक जल्द से जल्द राहत सामग्री पहुँच सके. संयुक्त राष्ट्र का मानना है कि ढाई करोड़ प्रभावितों में से एक चौथाई लोगों तक ही राहत पहुँच सकी है. तीन कार्गो हवाई जहाज़ के ज़रिए संयुक्त राष्टर ने बर्मा तक राहत सामग्री पहुँचाई है. इससे पहले संयुक्त राष्ट्र के दस हैलिकॉप्टरों ही प्रभावित इलाक़ों तक राहत सामग्री पहुँचा रहे थे. |
इससे जुड़ी ख़बरें सहायता एजेंसियों की सतर्क प्रतिक्रिया24 मई, 2008 | भारत और पड़ोस बर्मा की मदद के लिए आसियान की बैठक19 मई, 2008 | भारत और पड़ोस 'सभी राहतकर्मियों को अनुमति मिलेगी'23 मई, 2008 | भारत और पड़ोस बर्मा में तीन दिन का राष्ट्रीय शोक20 मई, 2008 | पहला पन्ना बर्मा में होगा तीन दिन का शोक19 मई, 2008 | पहला पन्ना बर्मा के सहायता प्रयासों का समर्थन 20 मई, 2008 | पहला पन्ना 'भूख से हो रही है बच्चों की मौत'18 मई, 2008 | भारत और पड़ोस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||