BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
शनिवार, 24 मई, 2008 को 03:01 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
सहायता एजेंसियों की सतर्क प्रतिक्रिया
बर्मा
चक्रवातीय तूफ़ान नर्गिस में लगभग 80 हज़ार लोग मारे गए
अंतरराष्ट्रीय सहायता एजेंसियों ने सभी विदेशी राहतकर्मियों को बर्मा में आने की अनुमति देने पर सतर्क प्रतिक्रिया दी है. बर्मा तूफ़ान से हुई तबाही से जूझ रहा है.

संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम ने बर्मा की सैनिक सरकार के फ़ैसले का स्वागत किया है.

हालाँकि वो कुछ मुद्दों पर संशय की स्थिति में हैं. उसका कहना है कि देखने वाली बात ये होगी कि राहतकर्मियों को मुख्य शहर रंगून से तूफ़ान प्रभावित इरावदी क्षेत्र में जाने की अनुमति मिलती है या नहीं.

फिलहाल संयुक्त राष्ट्र के दस हेलिकॉप्टरों को प्रभावित इलाक़ों में राहत सामग्री पहुँचा कर लौट जाने की अनुमति दी गई है.

सहायता एजेंसियों का कहना है कि आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों का प्रभावित इलाक़ों में जाना बेहद ज़रूरी है लेकिन उन्हें अनुमति मिलेगी या नहीं ये स्पष्ट नहीं है.

बर्मा के सैनिक शासक जनरल थान श्वे और संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून के बीच शुक्रवार को हुई बैठक सफल रही.

जनरल थान श्वे अड़ियल रुख़ से पीछे हटे और सभी विदेशी सहायताकर्मियों को तूफ़ान प्रभावित इलाक़ों में जाने देने पर सहमत हो गए.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने इसे एक बड़ी सफलता बताया है.

चक्रवातीय तूफ़ान नर्गिस ने 78 हज़ार लोगों की जानें ली है और लगभग 56 हज़ार लोग अभी भी लापता हैं.

इससे जुड़ी ख़बरें
'भूख से हो रही है बच्चों की मौत'
18 मई, 2008 | भारत और पड़ोस
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>