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बर्मा में तीन दिन का राष्ट्रीय शोक | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बर्मा में तूफ़ान नर्गिस की चपेट में आकर मारे गए दसियों हज़ार लोगों की याद में तीन दिन का राष्ट्रीय शोक मनाया जा रहा है. तूफ़ान के 18 दिनों बाद देश भर में राष्ट्रीय झंडे आधे झुके हुए हैं. इस बीच सैन्य सरकार ने सीमित मात्रा में अंतरराष्ट्रीय सहायता स्वीकार करने की हामी भरी है. संवाददाताओं का कहना है कि इससे संकेत मिलता है कि सरकार को अब अहसास हो रहा है कि यह त्रासदी कितनी बड़ी है. उल्लेखनीय है दो मार्च को आए तूफ़ान में 78 हज़ार लोग मारे गए और सरकारी आँकड़ों के अनुसार 56 हज़ार लोग अभी भी लापता हैं. संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि इस तूफ़ान से 24 लाख लोग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं और दसियों हज़ार लोग शिविरों में रह रहे हैं क्योंकि तूफ़ान से उनके घर नष्ट हो गए. शोक बर्मा ने राष्ट्रीय शोक की घोषणा तब की जब उनके नज़दीकी मित्रदेश चीन ने अपने देश में भूकंप में मारे गए लोगों की याद में शोक मनाने की घोषणा की. इसकी घोषणा सरकारी टेलीविज़न पर की गई. रविवार और सोमवार को सैन्य सरकार के प्रमुख जनरल शान श्वे ने पहली बार तूफ़ानग्रस्त इलाक़ों का दौरा किया. इस बीच सोमवार को सिंगापुर में हुई आपात बैठक में बर्मा ज़्यादा अंतरराष्ट्रीय मदद स्वीकार करने पर सहमत हो गया है. हालांकि उसने दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों के संगठन ( आसियान ) को ये भी बता दिया है कि बर्मा चाहेगा कि मदद उसके क्षेत्रीय संगठनों के ज़रिए दी जाए न कि पश्चिमी एजेंसियों के ज़रिए. संवाददाताओं का कहना है कि ऐसा लगता है कि बर्मा के सैन्य शासन को ये बात समझ में आने लगी है कि अंतरराष्ट्रीय मदद की ज़रूरत है. लेकिन वो पश्चिमी राहत एजेंसियों के कार्यकर्ताओं को देश में बड़े पैमाने पर प्रवेश देने से डरता है. इससे पहले अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस बात पर नाराज़गी ज़ाहिर कर चुके हैं कि बर्मा सहायता एजेंसियों को तूफ़ान पीड़ितों की सहायता ले लिए अनुमति नहीं दे रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें तीन मिनट के मौन के साथ शोक शुरू19 मई, 2008 | पहला पन्ना चीन में राहत कार्यों में तेज़ी आई18 मई, 2008 | पहला पन्ना ब्रिटेन, फ़्रांस ने बर्मा की कड़ी आलोचना की17 मई, 2008 | पहला पन्ना बर्मा के पीड़ितों के लिए अमरीकी सहायता12 मई, 2008 | पहला पन्ना बर्मा में सरकार का रुख़ नरम हुआ11 मई, 2008 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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