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बर्मा में सरकार का रुख़ नरम हुआ | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बर्मा में पहले के मुकाबले तूफ़ान प्रभावित लोगों तक अब ज़्यादा राहत सामग्री पहुँचना शुरू हो गई है. संकेत मिल रहे हैं कि सैन्य शासन कुछ नरमी बरत रहा है. तूफ़ान से प्रभावित लोगों की मदद करने में विदेशी सहायत लेने में बर्मा सरकार अब तक पूरी तरह राज़ी नहीं हुई थी. विश्व खाद्य कार्यक्रम को 38 टन राहत सामग्री बाँटने की अनुमति दी गई है. ये सामान रंगून हवाईअड्डे पर अटका पड़ा था. कई एजेंसियों ने भी बताया है कि उनके काम में प्रगति हो रही है.हालांकि उनका कहना है कि जो राहत सामग्री पहुँच रही है वो नाकाफ़ी है. ऑक्सफ़ैम के मुताबिक पानी और साफ़-सफ़ाई के बगैर तूफ़ान से मरने वालों की संख्या एक लाख से बढ़कर डेढ़ लाख हो सकती है. सकारात्मक संकेत आठ दिन पहले आए नर्गिस तूफ़ान के कारण मची तबाही के बाद अब बचे हुए लोग शिविरों में इकट्ठा होना शुरू हो गए हैं. संयुक्त राष्ट्र ने 18 करोड़ 70 लाख डॉलर की मदद राशि जुटाने की अपील की है. उसका कहना है कि लोगों को जल्द से जल्द खाने, रहने की जगह और चिकित्सिय मदद की ज़रूरत है. माना जा रहा है कि राहत सामग्री लिए अमरीका का पहला विमान सोमवार को पहुँचेगा. अभी तक चीन,थाईलैंड और भारत जैसे देशों से ही राहत सामग्री आई है. संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि अभी तक केवल एक चौथाई लोगों तक ही मदद पहुँची है. हालांकि संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि बर्मा में अधिकारियों की ओर से अब सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं. बर्मा में तीन मई को भीषण तूफ़ान आया था. इस बीच बर्मा के टेलीवीज़न का कहना है कि शनिवार को हुए जनमत संग्रह में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया. बर्मा के ज़्यादातर हिस्से में शनिवार को जनमत संग्रह हुआ था हालांकि अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने अपील की थी कि तूफ़ान के बाद पैदा हुई स्थिति को देखते हुए इसे टाल दिया जाए. बर्मा सरकार का तर्क है कि जनमत संग्रह से लोकतंत्र का रास्त बनेगा लेकिन विपक्ष का कहना है कि ये सेना की पकड़ और मज़बूत करेगा. | इससे जुड़ी ख़बरें बर्मा को संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी09 मई, 2008 | पहला पन्ना 'बर्मा ने संयुक्त राष्ट्र राहत सामग्री ज़ब्त की'09 मई, 2008 | पहला पन्ना बर्मा के रवैये से संयुक्त राष्ट्र निराश08 मई, 2008 | पहला पन्ना संयुक्त राष्ट्र सहायता बर्मा पहुँची08 मई, 2008 | पहला पन्ना 'तूफ़ान में एक लाख से ज़्यादा मारे गए'07 मई, 2008 | पहला पन्ना संयुक्त राष्ट्र को राहत पहुँचाने की अनुमति07 मई, 2008 | पहला पन्ना बर्मा की सहायता पर हो रही है राजनीति07 मई, 2008 | भारत और पड़ोस बर्मा में मृतक 22 हज़ार, हज़ारों लापता06 मई, 2008 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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