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सऊदी अरब का संयुक्त राष्ट्र को 'महादान' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र की अपील पर अमल करते हुए सऊदी अरब ने खाद्यान की बढ़ती क़ीमतों से आपूर्ति पर पड़ रहे असर के मद्देनज़र 50 करोड़ डॉलर की सहायता दी है. खाद्यान की बढ़ती क़ीमतों की मार झेल रहे दुनिया के कई देशों को संकट से उबारने के लिए संयुक्त राष्ट्र ने विश्व से 70 करोड़ डॉलर जुटाने की अपील की थी. इसी के तहत सऊदी अरब ने संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम, डब्लयूएफ़पी को सहायती की घोषणा की है. शेष राशि अलग-अलग देशों ने दी है. यूएन अधिकारियों ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि सऊदी अरब की मदद खाद्यान और तेल की तेज़ी से बढ़ती क़ीमतों से उत्पन्न स्थिति और खाद्यान की कमी झेल रहे देशों में खाद्य कार्यक्रम को जारी रखने में लाभकारी होगी. क़दम का स्वागत संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून ने इसकी सराहनी की है और कहा “ये एक भारी भरकम धनराशी है.” डब्लयूएफ़पी का कहना है - "सहायता राशी से स्कूली बच्चों और बीमारों के लिए चलाए जा रहे खाद्य कार्यक्रम को जारी रखा जा सकेगा. खाद्य कार्यक्रम से बाक़ी बचने वाली रक़म को अन्य आवश्यक उद्देश्यों पर ख़र्च किया जाएगा. ग़ौरतलब है कि पिछले एक साल में दुनिया के कई देशों में अनाज की क़ीमतें दोगुनी हो गई हैं. हाल ही में अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में तेल की क़ीमतें भी 135 डॉलर प्रति बैरल की रिकॉर्ड तेज़ी पर पहुंच गई हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें दक्षिण एशिया में खाद्यान्न संकट09 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस भारत पर खाद्य संकट का ख़तरा?09 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस 'बायोफ़्यूल' और घटते खाद्यान्न पर चेतावनी22 अप्रैल, 2008 | पहला पन्ना 'खाद्यान्न संकट के गंभीर परिणाम होंगे'04 मई, 2008 | पहला पन्ना 'खाद्यान्न कीमतों में वृद्धि पर चेतावनी'18 दिसंबर, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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