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'बायोफ़्यूल' और घटते खाद्यान्न पर चेतावनी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लातीनी अमरीका के दो नेताओं ने बायोफ़्यूल यानी जैविक ईंधन के खाद्य आपूर्ति पर बढ़ते उत्पादन से पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में चेतावनी दी है. बोलिविया के राष्ट्रपति इवो मोरालेस ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि बायोफ़्यूल के विकास ने दुनिया के ग़रीब लोगों को नुक़सान पहुँचाया है. उधर पेरू के राष्ट्रपति एलेन गार्शिया ने कहा कि फ़सल का प्रयोग बायोफ़्यूल के लिए करने से भोजन ग़रीबों की पहुँच से दूर हो गया है. इस बीच ब्रिटेन के प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने बायोफ़्यूल को बढ़ावा देने के लिए एक यूरोपीय नीति बनाने पर एक को बैठक आयोजित की है. इस बैठक से पहले ब्राउन ने कहा कि बायोफ़्यूल को समर्थन देने के मामले में ब्रिटेन को अपनी प्राथमिकताएँ तय करनी चाहिए. विकल्प का प्रयोग हो बायोफ़्यूल यानी जैविक ईंधन के इस्तेमाल का विरोध करने वाले लोगों का कहना है कि पारंपरिक ईंधन की जगह पर दोबारा इस्तेमाल में लाए जाने के क़ाबिल विकल्पों का प्रयोग किया जाए. उनका मानना है कि इससे विश्व में बढ़ रहे तापमान की समस्या को हल किया जा सकता है.
लेकिन दुनिया भर में खाद्यान्न के दाम बढ़ने के साथ यह डर भी बढ़ रहा है कि बायोफ़्यूल का विकास कहीं लोगों की आम ज़रूरत वाले खाद्य पदार्थों के उत्पादन को कम न कर दे. यूरोपीय यूनियन की इसलिए आलोचना हो रही है क्योंकि उन्होंने लक्ष्य रखा है कि 2020 तक वे अपने सड़क परिवहन ईंधन का दस फ़ीसदी भाग फ़सल से प्राप्त करेंगे. लंदन में हो रही इस बैठक में हिस्सा लेने वालों में संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम के प्रमुख और एफ़्रीकन डेवेल्पमेंट बैंक के अध्यक्ष भी हैं. बायो-इथेनॉल परियोजना संयुक्त राष्ट्र में 'जलवायु परिवर्तन का देसी लोगों पर असर' पर बहस शुरू करते हुए मोरालेस ने कहा कि अगर हमें पृथ्वी को जलवायु परिवर्तन से बचाना है तो पूंजीवाद को ख़त्म करना होगा. उन्होंने कहा, "उद्योगों का निरंकुश विकास ही हमारे प्राकृतिक संसाधनों की कमी के लिए ज़िम्मेदार है."
लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि कुछ दक्षिण अमरीकी देशों के राष्ट्रपति बायोफ़्यूल की बात तो करते हैं लेकिन इस बारे में वे कुछ जानते नहीं हैं. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि उनका इशारा ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासिओ लूला दा सिल्वा की ओर था जिन्होंने कहा था कि उनके देश में बायोफ़्यूल के लिए पर्याप्त फ़सल होने के साथ खाद्यान्न उपजाने के लिए पर्याप्त ज़मीन भी है. पिछले सप्ताह उन्होंने इस आरोप को नकार दिया था कि विश्व में खाद्यान्न के बढ़ते दामों के लिए बायोफ़्यूल ज़िम्मेदार है. सोमवार को ब्राज़ील ने घाना में बायो-इथेनॉल के लिए गन्ना उगाने के मक़सद से एक महत्वपूर्ण साझा उपक्रम शुरू करने की घोषणा की. | इससे जुड़ी ख़बरें जलवायु परिवर्तन की मार पूरी दुनिया पर12 मार्च, 2008 | विज्ञान जैव ईंधन की मदद से उड़ान भरी24 फ़रवरी, 2008 | पहला पन्ना 'ज़्यादा बायोफ़्यूल ग़रीबों के लिए घातक'01 नवंबर, 2007 | विज्ञान 'मानव गतिविधियों से बढ़ रहा है तापमान'25 सितंबर, 2007 | विज्ञान जलवायु परिवर्तन पर चीन की योजना04 जून, 2007 | पहला पन्ना जलवायु परिवर्तन पर पहल की ज़रूरत04 मई, 2007 | विज्ञान धनी और ग़रीब देशों में फिर खींचतान02 मई, 2007 | विज्ञान मोबाइल से गाँवों को जोड़ेगी बायोडीजल08 फ़रवरी, 2007 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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