|
बर्मा में राहतकार्यों की गति से मून हताश | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बर्मा में पिछले सप्ताह आए तूफ़ान के पीड़ितों को जिस गति से राहत पहुँचाने का काम किया जा रहा है उससे संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून बेहद हताश हैं. उन्होंने कहा कि जिस धीमी गति से पीड़ितों का राहत पहुँचाने का काम किया जा रहा है उसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है. बान की मून ने कहा कि अगर बर्मा में और सहायता पहुँचाने का काम तेजी से नहीं किया गया तो संक्रामक बीमारियाँ फैल सकती हैं और उनसे पैदा हुई स्थितियाँ वर्तमान स्थितियों से भी ज़्यादा भयावह हो सकती हैं. हालांकि अब बर्मा में राहत कार्यों में ख़ासी बढ़ोत्तरी और सुधार देखा जा रहा है पर बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अंदरूनी इलाकों में अभी भी लोग राहत की आस में बैठे हैं. तकलीफ़देह यह भी है कि तूफ़ान से सर्वाधिक प्रभावित इलाकों में अभी भी ज़ोरदार बारिश जारी है जिससे राहत कार्यों में बाधा पहुँच रही है. उधर बर्मा की सैन्य सरकार ने अब इस तूफ़ान में मरनेवालों के आकड़े को बढ़ाते हुए बताया है कि मृतकों की संख्या 32 हज़ार हो गई है और क़रीब 30 हज़ार लोग अभी भी लापता हैं. लेकिन अंतरराष्ट्रीय सहायता एजेंसियों का कहना है कि मरने वालों की संख्या एक लाख से ऊपर है और यदि बर्मा सरकार ने अंतरराष्ट्रीय राहत प्रयासों में रोकटोक करना जारी रखा, तो मृतकों की संख्या कहीं ज़्यादा हो सकती है. राहतकार्यों में तेज़ी
उधर सोमवार को पहली बार बर्मा ने अमरीकी सहायता स्वीकार करने की अनुमति दे दी है लेकिन राहत एजेंसियों का अभी भी कहना है कि तबाही को देखते हुए सरकार के प्रयास पर्याप्त नहीं है. तूफ़ान की तबाही के नौ दिन बाद राहत सामग्री से लदा पहली अमरीकी विमान सोमवार को पड़ोसी देश थाइलैंड से बर्मा पहुँचा है. अब ऐसा लग रहा है कि बर्मा की सरकार तूफ़ान पीड़ितों की सहायता के लिए आगे आने वाली विदेशी सरकारों और अंतरराष्ट्रीय राहत एजेंसियों से धीरे-धीरे ही सही सहयोग बढ़ा रही है. ब्रिटेन ने भी सोमवार को बताया कि पहली बार उसके एक आपदा आकलन दल को बर्मा जाने की अनुमति मिली है. हालाँकि लगभग सारी सहायता संस्थाएँ यही चाहती हैं कि बर्मा में राहत कार्य चलाने पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं लगाया जाए. इन संस्थाओं का कहना है कि पर्याप्त संख्या में कार्यकर्ताओं और विशेषज्ञों की मौजूदगी के बिना हर तूफ़ान पीड़ित तक सहायता नहीं पहुँचाई जा सकती है. |
इससे जुड़ी ख़बरें बर्मा के पीड़ितों के लिए अमरीकी सहायता12 मई, 2008 | पहला पन्ना बर्मा को संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी09 मई, 2008 | पहला पन्ना 'बर्मा ने संयुक्त राष्ट्र राहत सामग्री ज़ब्त की'09 मई, 2008 | पहला पन्ना बर्मा के रवैये से संयुक्त राष्ट्र निराश08 मई, 2008 | पहला पन्ना संयुक्त राष्ट्र सहायता बर्मा पहुँची08 मई, 2008 | पहला पन्ना 'तूफ़ान में एक लाख से ज़्यादा मारे गए'07 मई, 2008 | पहला पन्ना बर्मा की सहायता पर हो रही है राजनीति07 मई, 2008 | भारत और पड़ोस बर्मा में मृतक 22 हज़ार, हज़ारों लापता06 मई, 2008 | भारत और पड़ोस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||