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'हिज़बुल्ला - शांति के लिए ख़तरा' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका ने कहा है कि वह लेबनान में शिया चरमपंथी संगठन हिज़बुल्ला के ताज़ा हमलों के मद्देनज़र सुरक्षा परिषद और मध्य-पूर्व के देशों से संपर्क बनाए हुए है. हिज़बुल्लाह के लड़ाकों ने लेबनान की राजधानी बेरूत के पश्चिमी क्षेत्र में काफ़ी बड़े हिस्से पर नियंत्रण कर लिया है और पश्चिम समर्थक मानी जाने वाली सरकार के समर्थकों को वहाँ से बाहर निकाल दिया है. लेबनान की सरकार ने हिज़बुल्ला की कार्रवाई को हिंसक तख़्तापलट बताते हुए आरोप लगाया है कि देश में ईरान के हस्तक्षेप को बढ़ाने और सीरियाई दख़ल स्थापित करने की साजिश हो रही है. पिछले तीन दिनों तक हिज़बुल्ला और सुरक्षाकर्मियों के बीच हिंसक संघर्ष में कम से कम 15 लोग मारे जा चुके हैं. अरब लीग ताज़ा स्थिति की समीक्षा के लिए रविवार को बैठक कर रहा है. फ़ांस के विदेश मंत्री बर्नार्ड काउचनर ने बीबीसी से कहा है कि हिज़बुल्ला ने तख़्तापलट जैसी स्थिति पैदा कर दी है. उन्होंने चरमपंथी संगठन पर चुनी हुई सरकार के ख़िलाफ़ बेरूत में हमले करने का आरोप लगाया. हमले हिज़बुल्लाह के वफ़ादार लड़ाकों और इसके शिया विपक्षी सहयोगियों ने सरकार समर्थक मीडिया के दफ़्तरों को भी बलपूर्वक बंद कराया है. लेबनान की पश्चिम समर्थक कहे जाने वाले सत्तारूढ़ गठबंधन में एक दल के नेता साद हरीरी के कई मीडिया दफ़्तरों को शुक्रवार को ख़ाली करा दिया गया और उन्हें बंद कर दिया गया क्योंकि उन्हें हिज़बुल्ला के समर्थकों ने निशाना बनाया. जब बंदूकधारियों ने एक टेलीविज़न स्टेशन - फ्यूचर न्यूज़ को अपने क़ब्ज़े में ले लिया तो वहाँ सेना भेजी गई. बंदूकधारियों ने अल मुस्तक़बल नामक अख़बार के दफ़्तर के एक हिस्से को आग भी लगा दी. साद हरीरी का रेडियो स्टेशन भी ख़ामोश है. हिंसक हालात को देखते हुए यह समझौता हुआ कि लेबनान की सेना इन मीडिया दफ़्तरों को अपने क़ब्ज़े में ले लेंगी और उनकी हिफ़ाज़त करेंगी बशर्ते कि वे प्रसारण बंद कर दें. लेबनानी सेना के कमांड ने आगाह किया है कि अगर बेरूत में यह संकट ज़्यादा दिन चला तो सेना की एकता के लिए ख़तरा पैदा हो सकता है. बेरूत के मध्य और पश्चिमी इलाक़ों में भी साद के हरीरी के समर्थक जिन दफ़्तरों में इकट्ठा थे उनमें से भी कुछ में आग लगा दी गई जिसके बाद सभी लोग वहाँ से चले गए.
शुक्रवार को जैसे ही दिन शुरू हुआ तो लड़ाई कुछ धीमी पड़ती नज़र आई क्योंकि उससे पहले रात भर गोलीबारी और विस्फोट जारी रहे. लेबनानी अधिकारियों ने कहा है कि रॉकेट से छोड़ा गया एक गोला पश्चिमी बेरूत में साद हरीरी के घर की एक सीमा बाड़ पर आकर गिरा. साद हरीरी लेबनान के शीर्ष सुन्नी राजनीतिज्ञों में से एक हैं और समझा जाता है कि जब यह गोला आकर गिरा, वह अपने घर में ही थे. बेरूत में इस लड़ाई को देखते हुए तमाम बंदरगाहों को बंद कर दिया गया है और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा को पहुँचने वाली तमाम सड़कों को टायर वग़ैरा जलाकर अवरुद्ध कर दिया गया है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'हरीरी की हत्या आपराधिक तंत्र ने की'28 मार्च, 2008 | पहला पन्ना इमाद का जनाज़ा, हरीरी की बरसी14 फ़रवरी, 2008 | पहला पन्ना धमाके में 'हिज़्बुल्लाह नेता की मौत'13 फ़रवरी, 2008 | पहला पन्ना बेरूत धमाके में सात की मौत25 जनवरी, 2008 | पहला पन्ना लेबनानी सांसद की कार बम से हत्या19 सितंबर, 2007 | पहला पन्ना लेबनान में 21 चरमपंथियों की मौत02 सितंबर, 2007 | पहला पन्ना छह संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिक मारे गए24 जून, 2007 | पहला पन्ना लेबनान से इसराइल में रॉकेट हमले17 जून, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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