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'हरीरी की हत्या आपराधिक तंत्र ने की' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र की एक जाँच एजेंसी के अनुसार कुछ प्रमाण इस ओर इशारा करते हैं कि लेबनानी प्रधानमंत्री रफ़ीक़ हरीरी की हत्या के पीछे एक आपराधिक तंत्र का हाथ था. इस मामले में किसी संदिग्ध व्यक्ति का नाम तो नहीं लिया गया है लेकिन जाँचकर्ताओं का कहना है कि एक हरीरी तंत्र ने इस हत्या से कुछ दिन पहले से रफ़ीक़ हरीरी की गतिविधियों पर नज़र रखी थी. पूर्व प्रधानमंत्री और 22 अन्य लोगों की बेरुत में 2005 में एक व्यापक कार बम विस्फोट में मौत हो गई थी. संयुक्त राष्ट्र की कुछ पिछली जाँचों से संकेत मिले थे कि इस मामले में सीरियाई और लेबनानी ख़ुफ़िया बलों की कुछ भूमिका थी. हालाँकि सीरिया ने इससे इनकार किया था. जाँच आयोग का निष्कर्ष कनाडा के पूर्व अभियोक्ता डेनियल बेलमेयर की अध्यक्षता वाले संयुक्त राष्ट्र के इस जाँच आयोग ने मामले की दसवीं रिपोर्ट में कहा कि अब वह इस बात की पुष्टि कर सकता है कि उपलब्ध सुबूतों के आधार पर यह कहा जा सकता है कि कुछ व्यक्तियों के एक समूह ने इस काम को अंजाम दिया. आयोग ने यह भी कहा कि यह तंत्र कुछ अन्य प्रमुख लेबनानी नेताओं पर हमलों का भी ज़िम्मेदार है और रफ़ीक हरीरी की हत्या के बाद भी इस तंत्र का कम से कम कुछ हिस्सा सक्रिय रहा है. न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में बीबीसी संवाददाता मैथ्यू प्राइस के अनुसार रिपोर्ट में कहा गया है कि रफ़ीक़ हरीरी की जान लेने वाले बमधारक की शिनाख़्त के मामले में प्रगति हुई है. उन्होंने बताया कि आयोग इस जाँच के तहत फ़ॉरेन्सिक और डीएनए की जानकारी का इस्तेमाल कर रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें संयुक्त राष्ट्र ने नया जाँचकर्ता नियुक्त किया11 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना 'जाँच के लिए सीरियाई सहयोग ज़रूरी'17 मार्च, 2006 | पहला पन्ना हरीरी के लिए विशेष ट्रिब्यूनल को मंज़ूरी25 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना लेबनान में धमाके, तीन लोगों की मौत13 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना हरीरी की बरसी पर प्रदर्शन और तनाव14 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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