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रविवार, 02 सितंबर, 2007 को 11:27 GMT तक के समाचार
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लेबनान में 21 चरमपंथियों की मौत
लेबनान
नाहर अल शिविर को काफ़ी नुकसान पहुँचा है
लेबनान में सेना ने कहा है कि एक फ़लस्तीनी शरणार्थी शिविर से निकलने की कोशिश कर रहे 21 इस्लामी चरमपंथी मारे गए हैं.

कई चरमपंथी वहाँ से भागने में सफल हो गए हैं और लेबनान की सेना उनकी तलाश कर रही है.

नाहर अल शिविर के बाहर हुई झड़पों में लेबनान के दो सैनिक भी मारे गए हैं.

एएफ़पी के मुताबिक सेना ने कहा है कि फ़तह अल-इस्लाम गुट के चरमपंथियों के साथ झड़पें अब लगभग ख़त्म हो गई हैं.

मई के बाद से दोनों पक्षों के बीच झड़पें होती रही हैं.

हज़ारों लोग शिविर से भाग चुके हैं और गोलीबारी के चलते शिविर को काफ़ी नुकसान पहुँच चुका है.

सेना के एक प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया कि रविवार को फ़तह अल-इस्लाम के 20 से ज़्यादा लड़ाके मारे गए और कम से कम 10 को पकड़ लिया गया.

एक बयान में सेना ने कहा, "चरमपंथियों ने सेना के कई ठिकानों पर हमला किया ताकि वे नाहर अल शिविर से भाग सकें."

भागने की कोशिश

माना जा रहा है कि चरमपंथियों ने शिविर के बाहर कम से कम दो नाकों पर हमला किया.

सेना ने इलाक़े की नाकेबंदी कर दी है और सीरिया जाने वाली मुख्य सड़क को बंद कर दिया है और तलाशी के लिए हैलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया जा रहा है.

पिछले हफ़्ते लेबनान में सुरक्षा अधिकारियों ने कहा था कि उनके मुताबिक शिविर में शायद 30 चरमपंथी रह गए हैं हालांकि अन्य रिपोर्टों में ये संख्या ज़्यादा बताई जा रही थी.

नाहर अल-बारेद में पहले करीब तीस हज़ार लोग रहते थे लेकिन हिंसा के कारण ज़्यादातर शरणार्थी वहाँ से जा चुके हैं.

बीबीसी संवाददाता रिचर्ड कोलबॉर्न ने कहा है कि 1990 में गृह युद्ध के बाद से लेबनान में चल रही आंतरिक हिंसा में अब तक 155 सैनिक, 120 चरमपंथी और 42 नागरिक मारे जा चुके हैं.

फ़तह अल इस्लाम को अल क़ायदा से जोड़ कर देखा जाता है. ये गुट 2006 में सामने आया जब ये फ़तह अल-इंतफ़ादा से अलग हो गया.

लेबनान सरकार फ़तह अल-इस्लाम को सीरियाई ख़ुफ़िया एजेंसी से भी जोड़ती रहा है. लेकिन सीरिया में अधिकारी इससे इनकार करते रहे हैं.

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