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लेबनान में ताज़ा झड़पें, 50 की मौत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लेबनानी सेना ने फ़लस्तीनी शरणार्थी शिविर नाहर अल-बारेद में छिपे इस्लामी चरमपंथियों पर फिर गोलाबारी शुरू कर दी है. रिपोर्टों के मुताबिक इसमें कम से कम आठ नागरिक मारे गए हैं और मृतकों की कुल संख्या 50 से ज़्यादा हो गई है. चरमपंथियों के साथ झड़पें रविवार को शुरु हुई थीं जिनमें 20 से ज़्यादा सैनिक, 20 चरमपंथी और कई नागरिक मारे गए थे. माना जा रहा है कि नाहर अल-बारेद शिविर में करीब चालीस हज़ार शर्णार्थी फसे हुए हैं. इसे 17 साल पहले गृह युद्ध ख़त्म होने के बाद लेबनान का अब तक का सबसे बड़ा आंतरिक संकट कहा जा रहा है. लेबनानी सेना फ़तह अल इस्लाम नामक चरमपंथी संगठन के हथियारबंद दस्ते से जूझ रही है. ऐसा माना जा रहा है कि फ़तह को अल क़ायदा का संरक्षण मिला हुआ है और इसे सीरिया से कथित तौर पर समर्थन प्राप्त है. लेबनान सरकार ने चरमपंथी तत्वों को उखाड़ फेंकने की प्रतिबद्धता जताई है. ताज़ा झड़पें ताज़ा गोलाबारी नाहर अल-बारेद शरणार्थी शिविर के पास ही हो रही है जहाँ रविवार को दोनों तरफ़ से भारी झड़पें हुई थीं. लेबनान के सूचना मंत्री ग़ाज़ी अरिदी ने कहा, "सुरक्षा इंतज़ाम हो रहे हैं. हमें आघात पहुँचा है लेकिन हम कार्रवाई जारी रखेंगे." उन्होंने कहा कि रविवार को हुए संघर्ष में जो चरमपंथा मारे गए उनमें 'वे मुख्य चरमपंथी शामिल हैं जो बड़े हमलों की योजना बना रहे थे'. बीबीसी संवाददाता जिम मूर का कहन है कि सेना ने शरणार्थी शिविर के चारों ओर अपना नियंत्रण कायम कर लिया था लेकिन छिटपुट गोलीबारी जारी रहने के बाद सोमवार सुबह सेना ने टैंकों और तोपों से हमले शुरु कर दिए. इस शरणार्थी शिविर में बेघर हुए लगभग 30 हज़ार फ़लस्तीनी रह रहे हैं. 38 साल पुराने एक समझौते के तहत सेना इसमें प्रवेश नहीं कर सकती. | इससे जुड़ी ख़बरें इसराइल ने ग़ज़ा पर हवाई हमले किए20 मई, 2007 | पहला पन्ना हरीरी की बरसी पर प्रदर्शन और तनाव14 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना लेबनान में धमाके, तीन लोगों की मौत13 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना इसराइल-लेबनान सीमा पर गोलीबारी07 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना बेरुत में हड़ताल, सड़क मार्ग बाधित23 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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