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बुश ने जलवायु परिवर्तन की बात कही | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन को रोकने की ज़रूरत बताई है. लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि अमरीका 2025 के बाद ही इनको रोकने के लिए क़दम उठाएगा. जलवायु परिवर्तन पर दिए अपने भाषण में जॉर्ज बुश ने कहा कि कार्बन डाई आक्साइड गैस का पर्यावरण में उत्सर्जन अगले 10 से 15 वर्षों में अपनी उच्चतम सीमा को छू लेगा. जॉर्ज बुश ने इसको रोकने के लिए किसी प्रस्ताव की बात नहीं की है. उनका मानना है कि ख़राब क़ानूनों का अमरीकी अर्थव्यवस्था पर भारी असर पड़ता है. अमरीकी पर्यावरण ग्रुप सिएरा क्लब का मानना है कि राष्ट्रपति बुश के प्रस्ताव अपर्याप्त हैं. सीनेट की पर्यावरण समिति की अध्यक्ष बारबरा बॉक्सर ने इसको मजाक बताया है. इसके पहले राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने जलवायु परिवर्तन पर दुनिया के सबसे अधिक ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन करनेवाले देशों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया था. उल्लेखनीय है कि जलवायु परिवर्तन को लेकर राष्ट्रपति बुश के लहजे में अचानक परिवर्तन आया है क्योंकि अभी तक वो उत्सर्जन के लक्ष्य को ख़ारिज करते आए हैं. पर्यावरणवादी राष्ट्रपति बुश के प्रयासों को गंभीर नहीं मानते. उनका कहना है कि यह अमरीका की जलवायु परिवर्तन को लेकर संभावित दबाव से बचने की कोशिश है. | इससे जुड़ी ख़बरें उत्सर्जन में कटौती पर गहरे मतभेद14 दिसंबर, 2007 | पहला पन्ना अमरीका को यूरोपीय देशों की चेतावनी13 दिसंबर, 2007 | पहला पन्ना जलवायु परिवर्तन पर बुश की पहल03 अगस्त, 2007 | पहला पन्ना 'इस बार सामान्य से कुछ कम बारिश'19 अप्रैल, 2007 | विज्ञान वनों से बढ़ता पृथ्वी का तापमान!10 अप्रैल, 2007 | विज्ञान जलवायु परिवर्तन का असर करोड़ों पर06 अप्रैल, 2007 | विज्ञान 'युद्ध जितना ख़तरनाक है जलवायु परिवर्तन'02 मार्च, 2007 | पहला पन्ना बढ़ते पारे के लिए मानव ज़िम्मेदार02 फ़रवरी, 2007 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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