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उत्सर्जन में कटौती पर गहरे मतभेद | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जलवायु परिवर्तन पर बाली सम्मेलन के अंतिम दिन ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में कटौती के लिए लक्ष्य तय करने पर फिर गहरे मतभेद उभर आए हैं. अमरीका किसी तरह के लक्ष्य निर्धारण के पक्ष में नहीं है जबकि यूरोपीय संघ ने चेतावनी दी है कि लक्ष्य तय करने में नाकामी हाथ लगी तो वो अगले महीने जलवायु परिवर्तन पर अमरीका की अगुआई में होने वाले सम्मेलन का बहिष्कार करेंगे. अमरीका का मत है कि अलग-अलग देशों को ख़ुद ही प्रदूषण फैलानी वाली गैसों के उत्सर्जन में कटौती का लक्ष्य तय करने की छूट मिलनी चाहिए. इंडोनेशिया यूरोपीय देशों और अमरीका के बीच किसी तरह का समझौता कराने की कोशिश कर रहा है. उसकी कोशिश है कि स्पष्ट लक्ष्य निर्धारण को समझौते के अंतिम मसौदे से निकाल दिया जाए., पूर्व अमरीकी उप राष्ट्रपति अल गोर ने बुश प्रशासन की आलोचना करते हुए कहा, "मेरा अपना देश अमरीका बाली में आगे बढ़ने की राह में रोड़े अटका रहा है." जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र की संस्था आईपीसीसी के साथ नोबल पुरस्कार प्राप्त करने वाले अल गोर ने सम्मेलन में हिस्सा ले रहे सदस्यों से हार नहीं मानने की अपील की. अधिकारियों का कहना है कि कई मुद्दों पर सहमति बन चुकी है. मतभेद औद्योगिक देशों में प्रदूषण के विषय पर है. |
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