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अर्थव्यवस्था की विकास दर धीमीः बुश | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने अपने सालाना भाषण में माना है कि 'अमरीकी अर्थव्यवस्था की विकास दर धीमी हो रही है और इस बारे में अनिश्चितता भी है.' लेकिन राष्ट्रपति बुश ने ये भी कहा है कि देशवासियों को अर्थव्यवस्था के भविष्य के बारे में भरोसा होना चाहिए. राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के कार्यकाल का ये अंतिम सालाना भाषण था. राष्ट्रपति बुश ने अमरीकी संसद से अनुरोध किया है कि अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने के लिए उन्होंने जिस 150 अरब डॉलर के पैकेज की घोषणा की है, उसे वह जल्द से जल्द पारित करे. उन्होंने माना कि अमरीका में हर घर में आर्थिक भविष्य को लेकर चिंता है लेकिन उनका कहना था कि भविष्य में अर्थिक विकास को लेकर अमरीकी आश्वस्त हो सकते हैं. उनका कहना था, "हमारी सुरक्षा, समृद्धि और पर्यावरण की ज़रूरतें इस बात पर निर्भर करती हैं कि हम तेल पर कितने आश्रित हैं." 'अल क़ायदा को हराया जाएगा' उन्होंने अपने संबोधन में इराक़ की चर्चा करते हुए कहा कि वहाँ अमरीकी सैनिकों की संख्या बढ़ाए जाने से सुरक्षा की स्थिति बेहतर हुई है चाहे कुछ लोगों ने ही पहले ऐसी संभावना जताई थी. उनका घोषणा की कि इराक़ में अल क़ायदा के सदस्य भाग रहे हैं और उसे पराजित कर दिया जाएगा. अफ़ग़ानिस्तान के बारे में बोलते हुए राष्ट्रपति बुश ने कहा है कि वहाँ कार्रवाई में अमरीकी फ़ौजों को मिल रही सफलता जारी रहनी चाहिए. उनका कहना था कि 3000 अतिरिक्त मरीन सैनिक अफ़ग़ानिस्तान भेजे जाएँगे जो वहाँ तालेबान के ख़िलाफ़ संघर्ष में मदद करेंगे और अफ़ग़ान सेना और पुलिस को प्रशिक्षण देंगे. राष्ट्रपति बुश ने दोहराया कि वे साल के अंत तक इसराइलियों और फ़लस्तीनियों के बीच शांति समझौता करवा पाएँगे. ईरान के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि वे ईरान के लोगों का आदर करते हैं लेकिन 'देश के नेताओं को विदेशों में चरमपंथ को समर्थन' बंद करना चाहिए. |
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